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रास्तों परचली नाव, टापू बने गांव

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गांव आशा की मड़ैया के रास्ते पर भरे बाढ़ के पानी से गुजरते ग्रामीण। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान ओर बढ़ रहा है। अमृतपुर क्षेत्र के छह गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है और छह गांव बाढ़ के पानी से घिरकर टापू बन गए हैं। जोगराजपुर और हरसिंहपुर कायस्थ के रास्तों पर नावें चल रही हैं। समैचीपुर चितार में कटान होने से दो झोपड़ियां और छह किसानों की 32 बीघा भूमि गंगा में समा गई है। कटरी तौफीक में 12 किसानों के खेतों में कटान हो रहा है। जलस्तर बढ़ने से फिर मुसीबतें बढ़ने लगी हैं।
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नरौरा बांध से सोमवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से जलस्तर 136.70 मीटर से बढ़कर 136.80 मीटर पर पहुंच गया है। मंगलवार को एक लाख 27 हजार दो सौ 60 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। अमृतपुर क्षेत्र के गांव रामप्रसाद नगला, हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर, माखन नलगा, अंबरपुर व रामपुर गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसके अलावा करीब 12 गांव घिर गए हैं। इन गांवों के रास्तों पर पानी भरा है।
शमसाबाद क्षेत्र के कटरी तौफीक, अचानकपुर व समैचीपुर कटान होने से लोग भयभीत हैं। रामगंगा का जलस्तर भी 35 सेंटीमीटर बढ़ा है। रामगंगा का जलस्तर 134.15 से बढ़ कर 134.50 मीटर पर पहुंच गया है।
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सबल के विद्यालय में भर गया पानी
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व संविलियन स्कूल सबलपुर में बाढ़ का पानी भर गया है। जोगराजपुर व हरसिंहपुर कायस्थ में नावें चलाई जा रही हैं। आशा की मड़ैया को जाने वाले रास्ते भी डूब गए हैं। माखन नगला, रामप्रसाद नगला, मिघन नगला, जटपुरा कहिलियाई को जाने वाली सड़क पिछली बार बाढ़ से कट जाने से पानी भर गया है। इससे वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। गंगा के किनारे के गांव के सुनील कुमार, अबधेश सिंह, समरपाल, जितेंद्र सिंह आदि का कहना है कि गन्ना व धान की जो फसल बची थी वह दुबारा बाढ़ आने से बर्बाद हो जाएगी।
पीएचसी में भरा पानी, सड़क पर दवा दे रहे फार्मासिस्ट
अमृतपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भर जाने से फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री अस्पताल से दवा निकल कर सड़क के किनारे बैठ कर मरीजों को दवा दे रहे हैं। फार्मासिस्ट ने बताया है कि जुकाम, बुखार व खुजली के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
तहसीलदार ने कटान प्रभावित गांवों का जायजा लिया
कमालगंज। तहसीलदार सदर राजू कुमार ने लेखपाल अभय त्रिवेदी के साथ फतेहपुर कायस्थान ग्राम पंचायत के गांव कल्लूनगला व जंजाली नगला में बाढ़ व कटान की स्थिति देखी। वहां के लोगों से मिलकर बात की। बहोरन टप्पा हवेली ग्राम पंचायत के गांव जंजाली नगला का भी जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि नीचे की ओर बसा कल्लूनगला का कटान में अस्तित्व समाप्त हो चुका है। धरानगला के 80 प्रतिशत लोग अपने मकान छोड़कर ऊपर की ओर आ गए हैं। इनमें कुछ लोगों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है। जंजाली नगला में 50 मीटर दूरी पर गंगा हैं पानी घटते ही गांव कटने की संभावना है। प्रधान रामबेटी के पति प्रमोद उर्फ पप्पू यादव से भी जानकारी ली।
लेखपाल की शिकायत, 6 माह से वरासत दर्ज नहीं की
कमालगंज। कल्लूनगला के कल्याण वर्मा ने तहसीलदार से शिकायत की कि 6 माह से लेखपाल प्रकाशचंद्र शाक्य ने वरासत दर्ज नहीं की। चाचूपुर के रामवरन वर्मा ने घर में आग लगने के बाद राहत न मिलने की शिकायत की। आशादेवी ने भी अपनी बात रखी।(संवाद)
शमशाबाद क्षेत्र में भी कटान से ग्रामीण भयभीत
शमसाबाद। क्षेत्र के गांव समैची चितार के पास कटान होने से गांव के अकील के मकान के पास गंगा पहुंच गईं। अकील ने सामान निकाल कर सुरक्षित स्थान पर रख लिया है। साकिर हुसैन व भूरा की झोपड़ियां गंगा में समा गईं हैं। गांव अचानकपुर के गंगाराम की पांच बीघा, बाजी लाल की चार बीघा, राधेश्याम की चार बीघा, आत्माराम की पांच बीघा, अतर सिंह की सात बीघा व राजपाल की सात बीघा जमीन गंगा में बह गई है। कटरी तौफीक में भी कटान हो रही है। प्रधान तारा बानो ने बताया कि पीड़ितों का सामान झोपड़ियों से निकला कर और मकान से सुरक्षित रखवा दिया गया है और अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

उच्च प्राथमिक विद्यालय सबलपुर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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