फर्रुखाबाद। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में नोकझोंक के बीच 98.87 करोड़ का बजट पास कर दिया गया। इसमें अतिक्रमण का मुद्दा छाया रहा। सभासदों ने नक्शा पास मकानों को गिराने पर कड़ा विरोध किया। कहा कि नक्शा पास करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
नगर पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। वरिष्ठ लिपिक जितेंद्र मिश्रा ने पिछली बैठक की कार्रवाई पढ़कर सुनाई। तो सभासदों ने शोर मचा दिया। कहा कि सबसे पहले अतिक्रमण हटाओ अभियान की बात होनी चाहिए। सभासद श्यामसुंदर लल्ला ने कहा कि ऐसे मकान, दुकान तोड़े जा रहे, जिनके नक्शा पास है। ऐसे में नक्शा पास करने वाले जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो। इस पर ईओ से नोकझोंक हो गई। विकास त्रिवेदी ने कहा कि तीन-चार लाइटें मांगने पर नहीं मिलतीं हैं। लिपिक विजय शुक्ला पर कार्रवाई होनी चाहिए। अर्चना अग्निहोत्री ने पांच साल में प्रस्ताव मांगने के बावजूद एक भी काम न होने का आरोप लगाया।
अतुल शंकर दुबे ने कहा कि वाटर कूलर सही नहीं हुए। मिनी नलकूपों में धांधली हुई है। प्रबल त्रिपाठी ने गुद़ड़ी स्लाटर हाउस को मछली मंडी में तब्दील करने का सुझाव दिया। लव कनौजिया ने कहा कि असगर रोड पर कबाड़ की दुकानें हटाई जाएं। अनवर खां ने कहा कि सलावत खां के नलकूप बालू दे रहे हैं। संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए। कई सभासदों ने अतिक्रमण अभियान में मनमानी करने का आरोप भी लगाया।
ईओ रविंद्र कुमार ने कहा कि बीबीगंज से पटिया हटाओ अभियान शुरू हुआ। बढ़पुर में पहुंचने पर शासन के निर्देश के अनुसार काम शुरू हो गया। अंत में पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने कहा कि मास्टर प्लान से नगर पालिका का कोई लेना-देना नहीं है। यह सरकार का प्लान है। इस मौके पर पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।