फर्रुखाबाद। शासन के गोवंश पकड़ने के निर्देशों के बाद जिले में अभियान तेजी से चल रहा है। शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान ने तेजी पकड़ी है। जिले में चार हजार से अधिक अन्ना मवेशी पकड़े गए हैं। सांड़ को पकड़ने में जिला प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जिले में पिछले करीब एक हफ्ते से गोवंश को पकड़ने का अभियान चल रहा है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में चार हजार से ज्यादा अन्ना गोवंश को पकड़कर बाड़े में पहुंचा दिया गया है। ज्यादातर ग्राम पंचायतों में पचास से अधिक अन्ना मवेशियों को बाड़ों में बंद किया गया है। शहरी क्षेत्रों में अब तक कटरी धर्मपुर में बनाए गए बाड़ों में 119 व सातनपुर में बनाए गए बाड़ों में 57 पशु पहुंचा दिए गए हैं। ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की मदद से जानवरों को घेर कर बाड़ों तक पहुंचाया गया। लेकिन शहरी क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने जानवर को गाड़ी में भरकर पहुंचाने की समस्या आ रही है। यही कारण हैं कि अब तक 200 पशु भी नहीं पहुंचाए जा सके हैं।
सांड़ पकड़ना मुश्किल काम
शहरों में गायों से अधिक समस्या अन्ना सांड़ की है। यह चारों ओर घूमते रहते हैं। इनसे जन हानि की भी समस्या रहती है। प्रशासन के लिए भी सांड़ को पकड़ना टेढ़ी खीर है। शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर सांड़ ही हैं। इसीलिए अब तक यहां पर जानवरों को पहुंचाने का आंकड़ा कम है।
14 खतरनाक सांड़ किए गए चिह्नित
जिले में अब तक 14 खतरनाक सांड़ को चिह्नित किया जा चुका है। इन्हें जल्दी से जल्दी पकड़ कर इनके सींग आदि काटे जाएंगे। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों को घायल कर चुके एक सांड़ को रविवार को ही पकड़ कर उसके सींग काट दिए गए हैं। सोमवार को भी जिले भर में टीमें लगाईं गई हैं।
कोट
जिले में जानवरों की धरपकड़ का काम किया जा रहा है। पहले खतरनाक जानवरों पर ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल ग्रामीणों से इनके खाने पीने के इंतजाम के लिए भी कहा गया है। बाद में शासन को प्रस्ताव भेज कर इसकी व्यवस्था करवाई जाएगी।
मोनिका रानी, जिलाधिकारी