राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान मेें शनिवार को दीवानी और तहसील न्यायालयों मेें आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर 154997 मुकदमाें का निस्तारण किया गया।
इसमें न्यायालयों के अलावा अन्य विभागों के मामले भी निस्तारित किए गए। पति और पत्नी के बीच छोटी छोटी बातों को लेकर हुए विवाद के चल रहे कई मुकदमों का निस्तारण का पति और पत्नी को दोबारा से मिला दिया गया।
दीवानी न्यायालय फतेहगढ़ में जिला जज आलोक सक्सेना की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ जिला जज, जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने फीता काट कर किया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक, दूर संचार विभाग, विद्युत विभाग, वोडाफोन, आयकर विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका परिषद, बीमा कंपनियों, परिवहन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों ने बैठकर अपने विभागों से संबंधित लंबित मामलों का निस्तारण किया।
इसमें लघु आपराधिक के 3214 मुकदमों का निस्तारण कर 27,51,765 रुपये अर्थदंड किया गया। पति और पत्नी के विवाद के 51 मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निपटाया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 165217 मुकदमे निस्तारण के लिए लगाए गए थे।
इनमें से 154997 मुकदमों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया।
इस दौरान अपर जिला जज प्रमोद कुमार, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी रवीन्द्र नाथ दुबे, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी न्यायाधीश मित्रपाल सिंह, शिव सिंह यादव, इंदू द्विवेदी, शाजिया नजर जैदी, बलजोर सिंह, रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव, परवेज अहमद, अब्दुल मोवीन, सीजेएम अनुतोष शर्मा, राजीव रंजन, रामानंद, अतीकुद्दीन, अवनीश कुमार पांडेय, विजय कुमार गुप्ता, मनीन्द्र पाल सिंह, गौरव प्रकाश, देवेन्द्र सिंह अधिकारी, एक्सईएन अमर सिंह, कोर्ट मैनेजर मोहम्मद आरिफ, हरीश रावत समेत वकील मौजूद रहे।