फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले की कमाई अब करनी होगी भरपाई

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल भवन बनवाने का ठेका लेकर कमाई करने वाले भवन प्रभारी शिक्षकों को अब भरपाई करनी होगी। वर्ष 2000 के बाद बनाए गए खस्ताहाल भवनों के प्रभारी से भवन की कीमत वसूली जाएगी। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी से भवन की स्थिति संबंधी आक लन रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।


वर्ष 2000 के बाद सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में 300 से अधिक प्राइमरी व जूनियर स्कूल और 500 से अधिक अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण हुआ। इनका निर्माण शिक्षकों ने कराया था। स्कूल भवनों के निर्माण का प्रभारी बनने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में बोली लगती थी। जिसकी बोली अधिक होती थी, उसी शिक्षक को भवन प्रभारी बना दिया जाता था। एक-एक शिक्षक ने करीब 20 से 25 स्कूलों को बनवाने का ठेका लिया था। कमीशनबाजी के खेल में दस से 12 साल में नए स्कूल भवन खस्ताहाल होने लगे। जुलाई व अगस्त 2018 में बारिश होने पर कई स्कूलों की छत और दीवार चटक गई। ऐसे करीब 95 स्कूलों की सूची बनाई गई। इन जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति का आकलन करने के लिए पीडब्ल्यूडी को सूची भेजी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक पीडब्लूडी ने आकलन कर रिपोर्ट नहीं दी है। बीएसए रामसिंह ने बताया कि डीएम मोनिका रानी ने वर्ष 2000 के बाद बने जर्जर हो चुके भवनों के प्रभारियों से धन की वसूली के आदेश दिए हैं। 2000 से पूर्व के बने जर्जर भवनों की स्थिति की नीलामी के लिए मूल्यांकन संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। पीडब्ल्यूडी से रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।


पहले की कमाई, अब करनी होगी भरपाई
शिक्षकों ने कई स्कूलों के भवनों का कराया था निर्माण
पीडब्ल्यूडी से 95 जर्जर भवनों की स्थिति की रिपोर्ट आने का इंतजार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें