अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिले में पहली बार वीवीपैट (वोटर वेरीफाइड पेपर ट्रायल) से मतदान होगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। मशीनों के लिए बंगलूरू की एक कंपनी को आर्डर दिया गया है। जल्दी ही मशीनें जिला निर्वाचन विभाग में आ जाएंगी। बूथों का निर्माण भी वीवीपैट के हिसाब से ही किया जा रहा है।
निर्वाचन कार्यालय के एक कर्मचारी ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय से जिले के लिए चार हजार ईवीएम, ढाई हजार बजर यूनिट और ढाई हजार वीवीपैट का आर्डर दे दिया गया है। जल्दी ही मशीनें कार्यालय में आ जाएंगी। चुनाव के समय कोई गड़बड़ी ना हो इसके लिए अभी से तैयारियां चल रही हैं। बूथों का निर्माण भी वीवीपैट के हिसाब से हो रहा है। एक वीवीपैट की क्षमता 1400 वोट की होती है। इसलिए एक बूथ पर 1300 मतदाताओं को नामांकित किया जा रहा है।
जिले में अभी तक किसी भी बूथ पर वीवीपैट से चुनाव नहीं हुआ था। बड़े शहरों की कुछ सीटों पर विधानसभा चुनाव के दौरान वीवीपैट का सफल परीक्षण भी हो चुका है।
क्या है वीवीपैट
वीवीपैट एक छोटी सी मशीन होती है। यह ईवीएम से कनेक्ट रहती है। जब कोई मतदाता ईवीएम से मतदान करता है तो वीवीपैट से एक पर्ची निकलती है उस पर आपके डाले गए मत का चुनाव चिह्न बना होता है। यह पर्ची सात मिनट बाद ही अपने आप अंदर चली जाती है।