उत्तर प्रदेश के कुंडा में शहीद डीएसपी जियाउल हक के परिवार में संपत्ति को लेकर रिश्ते में कड़वाहट आ गई है।
बीमा पॉलिसियों पर हक जताने के साथ शहीद की पत्नी परवीन ने चल-अचल संपत्ति में हक जताकर ससुरालवालों को सकते में डाल दिया है।
ससुर समशुल हक अपनी बहू के इस व्यवहार से दुखी हैं।
उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि परवीन उनके सामने से खाने की थाली छीन लेना चाहती हैं। जब पता चला कि बीमे की रकम नहीं मिलेगी तो लगा कि जैसे गोली लग गई है।
वह समझ रहे थे कि बेटे के शहीद होने के बहू उनकी कमी पूरा करेगी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हालांकि कुंडा जाने से पहले वह बार-बार कह रही थीं कि बीमा के जो भी रुपये हैं आप ही लोग लेंगे।
वह देवरिया बीमा कार्यालय में कई बार गए और रकम मिलने की प्रक्रिया पूरी कर ली। रुपये मिलने वाले थे तभी 15 जुलाई को उनके घर लेटर आया तो पता चला कि बीमे के रुपये उन्हें नहीं मिलेंगे।
पता चला कि बहू परवीन ने दीवानी न्यायालय में दावा किया है कि रुपये उसे मिले। रुपये ससुर और सास को न दिए जाएं। परवीन 14 जुलाई को जुआफर आईं लेकिन मुझसे बात तक नहीं की। वह चल और अचल की संपत्ति पर भी हक जता रही हैं।
वह कह रही हैं कि इस पर पति के शहीद होने के बाद मेरा हक है। इसी सब बातों को लेकर सास हाजरा खातून की तबीयत बिगड़ गई है। इलाज होने पर इस समय कुछ ठीक हैं।
समशुल ने कहा कि भूखे व्यक्ति के सामने से खाना हटा लिया जाए तो कैसा लगेगा। 26 जुलाई को न्यायालय में जाऊंगा। देखता हूं क्या फैसला होता है? बहू परवीन का जिक्र करते ही हाजरा खातून बिलख पड़ीं।
वह बोलीं, मुझे विश्वास नहीं हो पा रहा कि बहू इस तरह का बर्ताव करेगी। उधर इस पूरे मसले पर परवीन से मोबाइल पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।