लखनऊ से सटे कानपुर में फर्जी कागजातों से पासपोर्ट बनवाने वाले एक रैकेट का खुलासा हुआ है।
रैकेट से जुड़े लोग फर्जी जन्म, निवास और शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाने से लेकर आवेदक के पुलिस वेरीफिकेशन तक का काम खुद अपने स्तर से कराते थे।
17 लोगों को दबोजा
एक पुलिस मित्र के माध्यम से स्टिंग ऑपरेशन करके पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुवार को रैकेट से जुड़े पासपोर्ट ग्रांटिंग आफिसर जयंत सरकार और एक वकील के मुंशी समेत 17 लोगों को दबोच लिया।
दलाल की मां भी शामिल
इनमें पासपोर्ट विभाग से जुड़े छह लोग और एक दलाल की मां भी शामिल है। पकड़े गए लोगों के कब्जे से छह पासपोर्ट, 50 हजार रुपये, लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी वोटर आईडी समेत तमाम दस्तावेज बरामद हुए हैं।
हत्थे चढ़ेंगे कुछ और लोग
पुलिस रैकेट से जुड़े सरकारी और गैर सरकारी विभागों के अफसरों और कर्मचारियों के बारे में छानबीन कर रही है। माना जा रहा है कि अभी और कुछ लोगों की गिरफ्तारी होगी।
ऐसे रचा गया चक्रव्यूह
पहला कदम- एसएसपी यशस्वी यादव ने बताया कि पुलिस मित्र सुनील कुमार ने उन्हें सूचना दी कि जीटी रोड में दक्षिणमुखी मंदिर के पास स्थित पासपोर्ट दफ्तर में फर्जी दस्तावेजों के जरिये पासपोर्ट बनवाने वाला एक रैकेट सक्रिय है।
दूसरा कदम- सुनील के माध्यम से स्टिंग ऑपरेशन कराया गया। सुनील ने पोसपोर्ट ऑफिस के दलाल मोहित गंभीर को अपना एक पासपोर्ट साइज फोटो सौंपा और गलत नाम और पता बताया।
तीसरा कदम- मोहित ने 51 हजार रुपये में पासपोर्ट बनवाने की बात कही। सुनील ने 23 हजार रुपये एडवांस दिए और बाकी रकम थोड़ी-थोड़ी करके पहुंचा दी। 10 हजार रुपये मोहित की मां मीरा गंभीर को उनके घर पर जाकर दिए थे।