07-अयोध्या-मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र से निकलने वाली तमसा नदी में मछुआरों द्वारा जगह जगह बांध बना दे?
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अमानीगंज। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र से निकलने वाली तमसा नदी में मछुआरों द्वारा जगह-जगह बांध बना देने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हो गया। जिससे एक ओर सैकड़ों एकड़ खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर आवागमन के लिए बने अमावा सूफी से सधारपुर मार्ग पर बने पुल के ऊपर 2 से 3 फुट तक पानी तेजी से बह रहा है। तमसा नदी को स्थानीय लोग मड़हा नदी के नाम से जानते हैं। इधर, शनिवार को उपजिलाधिकारी विजय प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए और जेसीबी की सहायता से नदी में बनाए गए बांधों को खुलवाया।
अमावासूफी गांव के रहने वाले किसान भूती प्रसाद, राम कुमार, संतोष मिश्रा आदि लोगों ने बताया कि मछुआरों द्वारा नदी के बहाव को रोककर मछली पकड़ने का काम किया जाता है, जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध हो जाता है। आसपास के क्षेत्रों में भारी जलभराव हो जाता है। उनकी धान की खड़ी फसल पानी में डूब गई है। इन किसानों के पास तमसा नदी के कछार में ही खेती करने के योग्य जमीन है, जहां पर 3 से 4 फुट तक पानी भर गया है। अमावा सूफी के बगल स्थित ग्राम रामनगर के किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं, जबकि बेतौली, रसूलपुर, सधारपुर आदि गांव में किसान तमसा में आई बाढ़ से परेशान हैं। उन्हें अपने फसलों की तबाही होने का डर सता रहा है।
मिल्कीपुर तहसील के बकौली, अमावा सूफी, ओरवा, चंदौरा, डीली सरैया, कंईकला, कीन्हूपुर, मंजनाई आदि गांव में तमसा नदी का पानी घुस गया। स्थानीय लोगों की मानें तो जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रुदौली तहसील के रसूलपुर, बेतौली, सधारपुर आदि गांव में भी तमसा नदी में बाढ़ के कारण बड़ी मात्रा में फसलों की तबाही देखने को मिल रही है। जलभराव की सूचना पर उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर दिग्विजय प्रताप सिंह ने राजस्व व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी लेकर कुर्दुखा कला के राजा के पुरवा व कोटडीह में बने बांध को खुलवाया। उपजिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मछुआरों द्वारा बनाए गए बांधों को खुलवा दिया गया है एक-दो दिन में नदी का जलस्तर सामान्य हो जाएगा।