अयोध्या। कोतवाली बीकापुर व स्वाट टीम की चौरे बाजार के पास बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि एक आरक्षी के हाथ में गोली लगने से घायल हो गया।
वहीं बदमाशों का एक साथी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। घायल बदमाश शातिर लुटेरे हैं। इनके खिलाफ अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर आदि जिलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। इनके पास से पिस्टल, तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई है।
घायल सिपाही व बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ शातिर अपराधी सोमवार देर रात सुल्तानपुर से अयोध्या की ओर आने वाले हैं।
सूचना के आधार पर कोतवाली बीकापुर प्रभारी श्याम सुंदर पांडेय व स्वाट टीम प्रभारी रतन कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चौरे बाजार में नाकेबंदी कर रखी थी।
एसएसपी ने बताया कि रात करीब 12:30 एक बाइक पर तीन लोग आते दिखाई पड़े। पुलिस को देखते ही फायर करते हुए मोतीगंज रोड की ओर भागे। गांव निधियावां के पास पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया तो उन्होंने फिर से पुलिस टीम के ऊपर फायरिंग करना शुरू कर दिया।
इस मुठभेड़ में आरक्षी मुकेश कुमार के बांए हाथ के पंजे पर गोली लगने से घायल हो गया। जवाबी फायरिंग में विजय बरवार निवासी छपवा थाना मोतीगंज जनपद गोंडा के दोनों पैर में और दिनेश बरवार निवासी दूल्हापुर बनकट थाना धानेपुर जनपद गोंडा के बांए पैर में गोली लगी।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। मौके से इनका एक साथी गब्बर फरार होने में कामयाब हो गया। गिरफ्तार हुए बदमाशों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई।
इनके खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग करने व अन्य अपराध में कोतवाली बीकापुर में केस दर्ज किया गया है। एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में घायल व फरार आरोपी गोंडा जनपद के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं।
आरोपी विजय बरवार के खिलाफ जनपद अयोध्या, गोंडा, देवरिया, अंबेडकरनगर में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ देवरिया पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।
दूसरे घायल आरोपी दिनेश बरवार के खिलाफ भी अयोध्या, बलरामपुर, लखनऊ जनपद में कई केस दर्ज हैं। बताया कि इन आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।