बाहुबली विधायक एवं ब्राह्मण नेता के रूप में प्रदेश भर में खब्बू की पहचान है। अपर जिला जज तृतीय पूजा सिंह ने 420, 468 471 धारा के तहत 5 वर्ष की सजा सुनाई है। इन्द्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी सपा व बसपा से भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। विधायक के अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया कि अब वह उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
उन्होंने बताया कि 1992 में छात्र संघ साकेत महाविद्यालय के महामंत्री के दौरान तत्कालीन प्रधानाचार्य के द्वारा नकल अध्यादेश के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसको लेकर 30 साल बाद आज सुनवाई के दौरान सजा सुनाई गई है। मामले की चार्जशीट 13 साल बाद अदालत भेजी गई थी। अदालत में मुकदमे की पत्रावली से कई मूल दस्तावेज भी गायब हो गए।
अदालत में सभी दस्तावेजों की द्वितीय प्रतियां तैयार कराकर सुनवाई आगे बढ़ाई गई। वादी यदुवंशराम त्रिपाठी की मृत्यु भी केस परीक्षण के दौरान हो गई। साकेत महाविद्यालय के तत्कालीन अधिष्ठाता महेंद्र कुमार अग्रवाल, गोपनीय कार्यालय के रामबहादुर सिंह व अन्य गवाहों ने अदालत में गवाही दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश त्रिपाठी ने अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा देने की दलीलें दीं। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को कूटरचना के आरोप में पांच साल की जेल व आठ-आठ हजार रुपये जुर्माना तथा धोखाधड़ी के मामले में तीन-तीन साल की जेल व छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सोमवार की शाम सुनाए गए फैसले के समय विधायक व अन्य अभियुक्त कोर्ट में मौजूद रहे।