अयोध्या। दिव्य-दीपोत्सव 2021 को अलौकिक बनाने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर काम तेज हो गया है। इस बार दीपोत्सव में 7.50 लाख दीप जलाकर एक नया विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी है।
दीपोत्सव स्थल राम की पैड़ी भी इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा और अधिक आकर्षक व भव्य नजर आएगी। इसके लिए राम की पैड़ी के आसपास स्थित प्राचीन मंदिरों के फसाड (अग्रभाग) को दुरुस्त करने का काम शनिवार से शुरू कर दिया गया।
नगर आयुक्त विशाल सिंह ने शनिवार को राम की पैड़ी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मोजाटो कंपनी की मीनाक्षी पायल भी मौजूद रहीं। नगर आयुक्त ने बताया कि दीपोत्सव का मुख्य स्थल राम की पैड़ी है। इसलिए पिछले वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष राम की पैड़ी का भव्य स्वरूप सबके सामने होगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि राम की पैड़ी के पास सरयू मंदिर, शेषावतार मंदिर, नागेश्वरनाथ सहित अन्य कई पौराणिक व प्राचीन स्थल हैं जिनकी प्राचीनता को लौटाने व इन्हें भव्य रूप देने के लिए 1.12 करोड़ की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
पैड़ी के आसपास स्थित मंदिरों को गुड़, चूना व गूग्गुल के जरिए सजाया-संवारा जाएगा। पैड़ी के भवनों व मंदिरों को भी एक रंग में सजाया जाएगा ताकि इनकी सुंदरता भक्तों को आकर्षित कर सके।
उन्होंने बताया कि इन पर दीपोत्सव में विशेष लाइटिंग की जाएगी जो राम की पैड़ी की आभा में चार-चांद लगाएगी। प्राचीन मंदिरों के महंत, व्यवस्थापक व पुजारी आदि की सहमति से ही उनका फसाड दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए कई मंदिरों के व्यवस्थापकों से संवाद स्थापित किया जा चुका है। दीपोत्सव से पहले राम की पैड़ी की प्राचीनता भव्य स्वरूप में निखरती नजर आएगी।