अयोध्या। मृतक को उपद्रव व जानलेवा हमले का आरोपी बनाने वाले बीकापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह को एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने निलंबित कर दिया है। ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
कोतवाली क्षेत्र के गुंधौर गांव में युवक अर्जुन यादव की सात जून को हत्या हो गई थी। आठ जून को आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने एवं अन्य मांग को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प व बवाल हुआ था।
पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और पुलिस की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थी। मामले में कोतवाली के उप निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने 28 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध उपद्रव करने व जानलेवा हमला सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस द्वारा नामजद दर्ज किए गए आरोपियों की सूची में द्वारिका प्रजापति निवासी बासुदेवपुर कोतवाली बीकापुर का नाम भी शामिल था, जबकि द्वारिका प्रजापति की करीब 27 साल पहले 1995 में मौत हो चुकी है।
मामले को ‘अमर उजाला’ ने ‘14 जून’ के अंक में ‘27 वर्ष पूर्व मर चुके व्यक्ति को पुलिस ने बनाया आरोपी’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक आरोपी का नाम सूची से हटा दिया।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के निर्देश पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मामले की जांच करके रिपोर्ट भेजी। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बीकापुर सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लापरवाही के आरोप में उपनिरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह को एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने निलंबित कर दिया है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।