अयोध्या। सिस्टम का भी गजब हाल है। एक ओर समय पर खून न मिलने से किसी की सांसें थम जाती हैं तो कहीं जिम्मेदारों की उदासीनता से समय पर खपत न होने से रक्त बर्बाद हो रहा है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर के ब्लड बैंक का कुछ ऐसा ही हाल है।
हाल ही में यहां पांच यूनिट रक्त एक्सपायर हो चुका है और करीब 20 यूनिट रक्त एक्सपायरी के करीब है। जिसकी खपत के लिए अब ब्लड बैंक में बी और ओ पॉजिटिव रक्त के लिए डोनर फ्री कर दिया गया है।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर में एक हजार क्षमता का ब्लड बैंक स्थापित है। मौजूदा समय में करीब 160 यूनिट रक्त यहां रखा गया है। रक्त लेने के बाद उसे 35 से 42 दिन के भीतर उपयोग कर लेना चाहिए अन्यथा वह एक्सपायर हो जाता है।
इसी एक्सपायरी से बचने के लिए हर ब्लड बैंक को ‘फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट’ नीति के तहत कार्य करना होता है। जिसके तहत जो रक्त सबसे पहले लिया जाता है, उसे पहले दिया भी जाता है। ताकि, निर्धारित समयावधि के भीतर उसका उपयोग हो जाए।
मेडिकल कॉलेज में जिम्मेदारों की उदासीनता से भी सप्ताह भर पूर्व पांच यूनिट रक्त एक्सपायर हो चुका है, जो किसी के काम नहीं आ सका। अब करीब 20 और यूनिट रक्त की एक्सपायरी तिथि निकट आ चुकी है, जिसकी भी समय से खपत सिर दर्द बनी हुई है।
हालांकि, इसके लिए ब्लड बैंक ने निजी अस्पतालों के लिए डोनर फ्री कर दिया है। सिर्फ निर्धारित शुल्क 1050 रुपये की रसीद कटवाकर जरूरतमंद रक्त ले सकते हैं।
ब्लड बैंक राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भंडारण क्षमता 160 यूनिट है। माह भर में अधिकतम 50 यूनिट रक्त की खपत ही हो पाती है।
यदि ट्रॉमा सेंटर अच्छे ढंग से चल जाए और सर्जरी आदि काफी बेहतर हो तो रक्त की अधिक खपत हो सकती है। खपत न होने की वजह से चार-पांच यूनिट रक्त एक्सपायर हो चुका है।
करीब 20 यूनिट एक्सपायरी के करीब है, जिसके लिए डोनर फ्री कर दिया गया है। खासकर बी और ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के लोग बिना किसी डोनर के रक्त प्राप्त कर सकते हैं।