इन पदों का काम स्थानीय व्यवस्था से चलाया जा रहा है। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा है।
जिले में प्रशासनिक दृष्टि से अयोध्या को संवेदनशील माना जाता है। इसके साथ शहर के विकास के लिए अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण है। नगर पालिकाएं यहां पानी और सफाई की जिम्मेदारी उठाती हैं।
शहर की शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी उठाने वाले सिटी मजिस्ट्रेट का पद हो या फिर ग्रामीण विकास से जुड़े खंड विकास अधिकारी, इनमें से भी कई पदों पर अफसरों की तैनाती नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक अयोध्या के अधिगृहीत परिसर के लिए अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था का पद सृजित है। लेकिन इस पर पर साल भर से ज्यादा समय से शासन से किसी अफसर की तैनाती नहीं की गई है।
इसकी जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी नगर को सौंपी गई है। परिसर में शांति व्यवस्था के मद्देनजर तीन मजिस्ट्रेटों के पद सृजित हैं लेकिन वर्तमान में इन पदों पर शासन से कोई तैनाती नहीं बताई गई है।
सूत्र बताते हैं कि पाली बार ड्यूटी के लिए यहां विभिन्न पदों पर तैनात दूसरे विभागों के अफसरों को मंदिर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव का पद कई महीनों से खाली पड़ा है।
इसकी जिम्मेदारी यहां के वित्त एवं लेखाधिकारी को सौंपी गई है। शहर की शांति व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले सिटी मजिस्ट्रेट का पद भी लगभग एक माह से खाली है।
इसी तरह भूमि अध्याप्ति अधिकारी, एआरओ के पद भी कई महीनों से खाली हैं। इन तीन पदों की जिम्मेदारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कंचन राम को सौंपी गई है। जबकि इन तीनों पदों के काम की प्रकृति अलग-अलग कही जा सकती है।
एआरओ की क्षेत्र कई जिलों में फैला है तो सिटी मजिस्ट्रेट की हर समय शहर में जरूरत है। इसी तरह अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के दो में एक पद रिक्त है। अयोध्या में सावन झूला मेला होने के बावजूद सफाई और पेयजल की व्यवस्था संभालने वाले अधिशासी अधिकारी का पद रिक्त है।
यहां फैजाबाद पालिका के ईओ प्रभार देख रहे हैं। इसी तरह भदरसा सहित अधिशासी अधिकारी का प्रभार उपजिलाधिकारी को सौंपा गया है। ग्रामीण विकास की कमान संभालने वाले खंड विकास अधिकारियों में से एक पद रिक्त है।
चकबंदी विभाग सहित अन्य विभागों के कई पद रिक्त बताए गए हैं। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए जिला प्रशासन की ओर से समय-समय शासन को इनका ब्योरा और तैनाती के लिए पत्र भेजे जाने की बात बताई जाती है।
अतिरिक्त पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे अफसर अनौपचारिक बातचीत में प्रशासनिक पदों की व्यस्तता और जिम्मेदारी बढ़ने की चर्चा करते हैं। लेकिन औपचारिक रुप संवेदनशील पदों को लेकर मुंह नहीं खोलना चाहते हैं।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा का कहना है कि जिले के सभी खाली पड़े पदों का पूरा मामला शासन के संज्ञान में हैं। समय-समय पर विस्तृत ब्योरा शासन को जाता है।