अयोध्या। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते रामनगरी में प्रवाहित सरयू में भी उफान तेज हो गया है। सरयू ने लाल निशान पार कर लिया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते जहां कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं तटवर्ती इलाकों में लोग पलायन कर रहे हैं। बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया है।
सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। तीन दिनों से पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण सरयू के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार रात 10 बजे सरयू ने लाल निशान 92.73 मीटर को पार कर लिया था। आधी रात के बाद से जलस्तर में फिर से कमी शुरू हो गई।
शुक्रवार शाम सरयू का जलस्तर 92.66 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि खतरे के निशान 92.73 मीटर से सात सेमी. दूर है। बताया गया कि पहाड़ों में हुई बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है। वहीं सरयू के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघा खेती पानी में डूब गई है। पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ की संभावना को देखते हुए लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं।
सरयू में उफान के चलते सरयू के घाट डूब गए हैं। जल पुलिस ने भी घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। इस समय अयोध्या में सावन मेले की धूम है। श्रद्धालु-भक्त अयोध्या में सावन झूलनोत्सव का आनंद उठाने पहुंच रहे हैँ। हालांकि प्रशासन ने पहले ही सरयू में सामूहिक स्नान पर प्रतिबंध लगा रखा है। जल पुलिस की टीम लगातार घाटों पर भ्रमणशील रहकर लोगों को गहरे पाने में स्नान न करने के लिए सचेत करती नजर आ रही है।
सरयू अभी खतरे के निशान से नीचे है। जब जलस्तर 93 मीटर को पार कर जाता है तब बाढ़ की स्थिति आती है। फिलहाल बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में पहले से ही नाव आदि की व्यवस्था करा दी गई है। राहत सामग्री की भी पूरी व्यवस्था है। बंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाई गई टीमें पूरी सतर्कता बरत रही हैं।- जीएल शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व