अयोध्या। पहाड़ों में हो रही बारिश व नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू में उफान तेज हो गया है। सरयू का जलस्तर सोमवार को लाल निशान से 21 सेमी. ऊपर पहुंच गया। प्रतिघंटे आधा सेमी. की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। सरयू के लाल निशान पार करते ही तटवर्ती इलाकों में पलायन तेज हो गया है। प्रशासन की बंधों व प्रभावित इलाकों में सक्रियता बढ़ गयी है।
सरयू एक बार फिर उफान पर है। एक सप्ताह से सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.94 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान 92.73 मीटर से 21 सेमी. ऊपर है। जो इस सत्र का सरयू का सर्वाधिक जलस्तर है। सरयू के जलस्तर में प्रतिघंटे आधा सेमी. की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग की अनुसार पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश और नेपाल से 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण सरयू ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। उधर सरयू में उफान के कारण तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है, लोग पलायन कर रहे हैं। कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
पूराबाजार इलाके में सरयू के जलस्तर में वृद्धि के कारण रामपुर पुवारी मांझा के मदराही में तेजी से कटान हो रहा है। किसानों की लहराती खड़ी फसलें खेत सहित नदी में समा जा रही हैं। रामपुर पुवारी मांझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि नदी में पानी अधिक होते ही तेज बहाव के कारण मदराही में तेजी से कटान हो रहा है।
मुडाडीहा के पूर्व प्रधान तेज बहादुर निषाद ने बताया कि मुड़ाडीहा के उरदा हवा के पास केशवराम की खड़ी गन्ना की फसल कटान के कारण नदी में समा गयी। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा बंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पहाड़ों में बारिश शुरू होती ही सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। रुदौली तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव के ग्रामीणों को फिर चार माह बाढ़ की समस्या से गुजरना पड़ेगा।
क्षेत्र के 510 घरों के करीब ढाई हजार लोग हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होती है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्वजों की पुस्तैनी जमीन होने से छोड़ कर भी नहीं जाया जा सकता है। कैथी माझा निवासी युदनाथ यादव, ब्रजनाथ, फुलबहादुर, कांशीराम, शिवकुमार, श्रीदत्त यादव आदि का कहना कि हर वर्ष तीन माह बाढ़ के समय दुश्वारियों से रहना पड़ता है।
प्रशासन हर वर्ष सुरक्षित स्थान पर बसाने का वादा करता है लेकिन यह आज तक वादा ही है। उपजिलाधिकारी रुदौली विपिन सिंह ने बताया कि सरयू नदी बाढ़ प्रभावित गांवों हर स्थिति पर नजर रखने के लिए क्षेत्रीय लेखपालों को लगाया गया है। कैथी मांझा गांव के ग्रामीणों को आवागमन के लिए दो नावों लगा दी गई है ।
सरयू के जलस्तर में फिर वृद्धि हो रही है। सरयू लाल निशान से 21 सेमी. ऊपर बह रही है। पूर्वानुमान के मुताबिक कल शाम से सरयू के जलस्तर में कमी शुरू हो जाएगी। अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। कुछ गांवों के रास्ते में पानी पहुंचा है तो वहां आवागमन के लिए नावें लगा दी गई हैं। बंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। बाढ़ से निपटने की हमारी पूरी तैयारी है।- जीएल शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व
अयोध्या-सरयू के जलस्तर का दृश्य- फोटो : FAIZABAD