पहाड़ों और सूबे में चौतरफा हो रही बारिश से सरयू नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में हलचल तेज हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों से लोग परिवार व मवेशियों के साथ सुरक्षित ठिकानों पर ठौर बनाने लगे हैं। वहीं बाढ़ के संभावित खतरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों सदर, सोहावल व रुदौली के तटीय इलाकों में अलर्ट घोषित कर राजस्व कर्मियों को नजर रखने का निर्देश जारी कर दिया है।
पखवारे भर से सरयू में बढ़ रहा जलस्तर अब तेजी से खतरे के निशान 92.730 मीटर को छूने को बेताब है। तीन दिनों से पहाड़ों व प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को सरयू का जलस्तर आधे सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ते हुए दोपहर एक बजे 92.220 मीटर पर स्थिर हो गया है।
हालांकि मंगलवार को जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी के साथ जलस्तर 92.250 मीटर पर पहुंचने की संभावना है। मानसून के लगातार सक्रिय बने रहने से चौतरफा बारिश हो रही है। आशंका है कि यदि नेपाल से सरयू में पानी छोड़ा गया तो जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। हालांकि अभी भी सरयू खतरे के निशान 92.730 मीटर से 51 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं।
नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है। नदी की धारा तटीय इलाकों को अपने आगोश में ले रही हैं। सदर तहसील के पूरा ब्लॉक के मूड़ाडीहा, सलेमपुर आदि गांव कटान से बुरी तरह प्रभावित हैं। तटीय क्षेत्रों के दर्जन भर गांवों के लोग परिवार व मवेशियों के साथ बंधे व ऊंचे क्षेत्रों में सुरक्षित ठौर बना रहे हैं।
जिला प्रशासन ने भी बाढ़ की संभावना व कटान के मद्देनजर तीन तहसीलों सदर, रुदौली और सोहावल में राजस्व अधिकारियों, सिंचाई विभाग को अलर्ट जारी कर दिया है। सदर, सोहावल और रुदौली एसडीएम कछार में बसे गांवों में कटान के साथ ही बाढ़ पर नजर रख रहे हैं।