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होलाष्टक में आएंगे नतीजे, मनाई जाएगी चुनावी होली

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अयोध्या। विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना आज होगी और चुनाव के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। होली 18 मार्च को है। ऐसे में आठ दिन पहले से ही होलाष्टक 10 मार्च को ही लग जाएंगे।
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इन दिनों में मांगलिक कार्य नहीं होते। वहीं होलाष्टक में चुनावी नतीजे आने के साथ ही होली भी पूरे चुनावी रंग में रंगी नजर आएगी। होलाष्टक गुरुवार को भोर में 2 बजकर 56 मिनट से लग जाएंगे।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक होलाष्टक होली से आठ दिन पहले शुरू हो जाते हैं और इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं होते। सनातन धर्म के चार प्रमुख उत्सवों में होली का विशेष मान है।
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हिंदी कैलेंडर के अंतिम पर्वोत्सव के विधि-विधान रंगभरी एकादशी से शुरू होते हैं। आठ दिन पहले होलाष्टक लगने के साथ आगे के दिन होली-हुड़दंग के इंतजाम के लिए आरक्षित हो जाते हैं।
फागुन शुक्ल अष्टमी को होलाष्टक का शुभारंभ होता है जो इस बार 10 मार्च को लग रहा है। इस दिन से शुभ कार्य वर्जित हो जाएंगे। 17 मार्च को फागुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के बाद इसका समापन होगा और अगली सुबह चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में 18 मार्च को रंग खेला जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल्यानंदन वर्धन बताते हैं कि होली आने की पूर्व सूचना होलाष्टक से ही प्राप्त होती है। होली से पहले आठ दिनों को होलाष्टक कहते हैं। होलाष्टक गुरुवार को भोर में 2 बजकर 56 मिनट से लग जाएंगे।
इस दौरान अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरू, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु उग्र स्वभाव में रहते हैं।
इन ग्रहों के उग्र रहने के चलते मनुष्य के निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इस कारण होलाष्टक के दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्य कश्यप ने अपने पुत्र भक्त प्रहलाद की भक्ति को भंग करने के लिए इन आठ दिनों में उन्हें तमाम तरह की यातनाएं दीं थीं।
इसलिए मान्यता है कि होलाष्टक के इन आठ दिनों में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस बार होलाष्टक के दिन ही विधानसभा चुनाव की मतगणना होगी ऐसे में इस बार चुनावी होली की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल्यानंदन बताते हैं कि होलाष्टक में पूजापाठ करने और भगवान का भजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। होलाष्टक में कुछ विशेष उपाय करने से कई प्रकार के लाभ भी प्राप्त होते हैं।
मनुष्य को होलाष्टक के दौरान श्रीसूक्त व मंगल ऋण मोचन का पाठ करना चाहिए। इससे आर्थिक संकट समाप्त होकर कर्ज से मुक्ति मिलती है। इन आठ दिनों के दौरान भगवान नरसिंह और भगवान हनुमान की पूजा पाठ का भी विशेष महत्व है।
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