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आज से शुरू हो सकती है राममंदिर की कार्यशाला

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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए चल रहा नींव भराई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में पत्थरों की तराशी को लेकर भी ट्रस्ट ने योजना बनानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में राजस्थान से पत्थर तराशी के लिए आठ कारीगर भी अयोध्या पहुंच गए हैं।
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उन्होंने बुधवार को रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में पत्थर तराशी के लिए व्यवस्थाएं प्रारंभ कर दी हैं। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार से कार्यशाला प्रारंभ हो सकती है। राममंदिर के लिए अभी भी करीब 65 प्रतिशत पत्थरों की तराशी की जानी है।
27 व 28 अगस्त को अयोध्या में हुई राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में राम जन्मभूमि में कार्यशाला शुरू किए जाने को लेकर हरी झंडी दी जा चुकी है। उसी योजना के तहत मंगलवार को राजस्थान के कारीगरों का जत्था मरुधर एक्सप्रेस से अयोध्या पहुंच गया।
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राजस्थान के बंशीपहाड़पुर से पत्थरों की आवक शुरू होते ही कारीगरों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी। अभी कार्यशाला में मौजूद पत्थरों की तराशी का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि राम मंदिर के पहली मंजिल के पत्थरों को तराशा जा चुका है। अभी राममंदिर की दो मंजिल के करीब चार लाख घनफुट पत्थरों की तराशी की जानी है।
तराशी के लिए अभी करीब 70-75 हजार घनफुट पत्थर शेष है क्योंकि 2015-16 में यहां पत्थरों की खेप मंगवाई गयी थी। कार्यशाला में पूर्व से तराशे व गैर तराशे पत्थरों की छंटाई व निर्धारित माडल के अनुसार अलग-अलग भागों के पत्थरों की गणना का काम भी सोमपुरा कंस्ट्रक्शन के कर्मचारियों की ओर से पूरा कराया गया है।
इन पत्थरों पर कोडिंग की गई है ताकि राममंदिर निर्माण शुरू होने पर इन्हें जोड़ने में दिक्कत न हो। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार अयोध्या पहुंचे कारीगरों ने रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में बुधवार को पूरी तैयारी कर ली है, गुरुवार से वे यहां डंप पत्थरों की तराशी का काम प्रारंभ कर देंगे।
पत्थरों की नक्काशी के लिए कारीगरों को अयोध्या भेजा गया है। जो कार्यशाला की व्यवस्था देखने के बाद एक-दो दिन में नक्काशी का काम प्रारंभ कर देंगे। एक तरह से अभी यह प्रारंभिक तौर पर काम शुरू होगा, धीरे-धीरे इसमें तेजी लाई जाएगी। नवंबर माह से बड़ी संख्या में कारीगरों के जरिए पत्थर तराशी का काम तेज कर दिया जाएगा। अभी राममंदिर के करीब 65 प्रतिशत पत्थरों की तराशी की जानी है।- आशीष सोमपुरा, आर्किटेक्ट
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