राज ठाकरे और ओवैसी अपनी राजनीति चमकाने के लिए तरह-तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। हमारा मानना है कि राज ठाकरे और ओवैसी सौतेले भाई हैं। इसी तरह राज ठाकरे और बृजभूषण शरण सिंह भी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। इनका धर्म, आस्था और लोगों की भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं है। यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम का जो सोमवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ अयोध्या पहुंचे थे।
प्रमोद कृष्णम और सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोमवार को हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दर्शन करने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राज ठाकरे की अयोध्या यात्रा को लेकर हो रहे विवाद पर कहा कि बृजभूषण शरण सिंह और राज ठाकरे दोनों में कोई फर्क नहीं है। भारत की संस्कृति महान है विश्व बंधुत्व, वसुधैव कुटुंबकम हमारा उद्घोष है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी में हुए सर्वे के दौरान शिवलिंग मिलना बहुत ही अद्भुत विषय है। यह हमारी आस्था से भी जुड़ा हुआ मामला है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। भारत संवैधानिक देश है न्याय पालिका का जो आदेश होगा उसे सभी को मानना पड़ेगा। जहां तक इतिहास का प्रश्न है तो प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती। ताजमहल को लेकर कोर्ट में डाली गई याचिका पर कृष्णम ने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि ताज महल और कुतुबमीनार हिंदुओं को सौंप दें।