अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा में फरवरी माह से प्रस्तावित नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मार्ग और प्रशस्त हो रहा है। उप्र राजकीय निर्माण निगम ने इसके निर्माण के लिए 41.61 करोड़ का प्रारंभिक आगणन किया है, जिसकी स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
स्वीकृति मिलते ही मेडिकल कॉलेज से संबद्ध दर्शननगर चिकित्सालय परिसर में इसका निर्माण कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है। इस कॉलेज के बनने से मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ-साथ नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की पौध भी तैयार हो सकेगी। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई 2019 से शुरू हुई है।
मौजूदा समय में यहां तीन बैच में 100-100 मेडिकोज का दाखिला लिया जा चुका है। साथ ही परास्नातक के समतुल्य डीएनबी की कक्षाएं भी प्रारंभ हो गई हैं। अब अगले चरण में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और वृद्धि करने के लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध दर्शननगर चिकित्सालय में नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज खोलने की भी कवायद चल रही है।
फरवरी माह में इसके लिए तत्कालीन प्राचार्य ने प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के अनुसार नर्सेज एवं पैरामेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग, डीएमएलटी, ओटी टेक्रीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन व डायलिसिस टेक्नीशियन के कोर्स भी प्रारंभ किए जाने हैं। बीएससी नर्सिंग के चार वर्ष के कोर्स में स्टाफ नर्स तैयार किए जाएंगे। प्रथम चरण में 40 सीटों पर प्रवेश लेने की तैयारी है।
वहीं, डीएमएलटी, ओटी टेक्नीशियन व डायलिसिस टेक्नीशियन के 20-20 सीटों पर प्रवेश लिए जाने पर विचार किया गया है। स्टेट फैकलिटी से अनुमति मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कार्यदायी संस्था से प्रारंभिक आगणन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि हाल ही में उप्र राजकीय निर्माण निगम ने प्रारंभिक आगणन तैयार किया है।
जिसके अनुसार नर्सेज एवं पैरामेडिकल कॉलेज के निर्माण में करीब 41.61 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस बजट में प्रशासनिक व शैक्षणिक भवन के अलावा, 100-100 की क्षमता के गर्ल्स एवं ब्वॉयज हॉस्टल, विद्युत उपकेंद्र, आंतरिक रोड एवं फुटपाथ, अंडरग्राउंड सीवरलाइन, लिफ्ट, यूपीएस सिस्टम आदि तैयार किया जाएगा। निर्माण के लिए ट्रॉमा सेंटर के पीछे स्थित खाली जमीन चिह्नित की गई है। कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत किए गए स्टीमेट को स्वीकृति के लिए दो दिन पहले शासन को भेजा गया है। माना जा रहा है कि बजट मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।