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छह महीने में आकार लेने लगेगी नव्य अयोध्या

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नव्य अयोध्या का प्रस्तावित मानचित्र।-संवाद - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के समानांतर ही रामनगरी का विकास उसकी गरिमा के अनुरूप करने का काम भी अब गति पकड़ने वाला है। इसी क्रम में रामनगरी में नव्य अयोध्या की योजना को आकार देने की कवायद तेज हो गई है।
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अगले छह महीने में नव्य अयोध्या को आकार देने का काम भी शुरू हो जाएगा। 1200 एकड़ जमीन में नव्य अयोध्या प्रस्तावित है। इसके लिए तीन गांवों बरहटा, मांझा शाहनेवाजपुर व तिहुरा मांझा की जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है।
पहले चरण में बरहटा व शाहनेवाजपुर की 73 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। अब दूसरे चरण में 611 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होना है, जिसकी कवायद शुरू हो गई है।
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नव्य अयोध्या के प्रथम चरण अंतर्गत अब तक ग्राम शाहनेवाजपुर मांझा एवं बरहटा की 583.31 एकड़ भूमि के सापेक्ष 429.91 एकड़ (73.58) प्रतिशत भूमि का कब्जा आवास विभाग को प्राप्त हो चुका है।
अब दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू होगा। किसानों से सहमति के आधार पर दूसरे चरण में मांझा तिहुरा की 611.5 एकड़ भूमि ली जाएगी। शीघ्र ही दूसरे चरण में जमीन अधिग्रहण के लिए अधिसूचना भी जारी होने वाली है।
इसके तुरंत बाद जमीन अधिग्रहण का काम प्रारंभ हो जाएगा। नव्य अयोध्या में होटल, धर्मशाला, मठ, मंदिर आदि का निर्माण किया जाना है। इसी बीच ऐसे देश जहां सांस्कृतिक विरासत के तौर पर श्रीराम पूजित-प्रतिष्ठित हैं उनके लिए अतिथिगृह का निर्माण किया जाएगा।
ऐसे करीब 80 देशों सहित देश के 36 प्रांतों एवं केंद्र शासित राज्यों के लिए अतिथिगृह बनाने की योजना है। इसके अलावा करीब 40 हजार दर्शनार्थियों के लिए गेस्ट हाउस की सुविधा होगी।
योजना के मध्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु वैदिक सिटी के मानकों के अनुरूप ब्रह्मस्थान भी प्रस्तावित है। निर्माणाधीन श्रीराममंदिर की योजना से दूरी छह किमी, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डे की योजना से दूरी आठ किमी व अयोध्या रेलवे स्टेशन की योजना से दूरी तीन किमी है।
योजना सरयू नदी से लगी हुई है व लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ स्थित है। शीघ्र ही नव्य अयोध्या आकार लेना प्रारंभ हो जाएगी, आवास विकास विभाग का कहना है कि अगले छह महीने में इस पर काम शुरू हो जाएगा।
शाहनेवाजपुर की तर्ज पर ही बरहटा के किसानों को भी मुआवजा देने का प्रयास है। योजना के लिए भू-स्वामियों से जमीन आपसी सहमति से सर्किल दर के चार गुने पर क्रय की जा रही है।
शाहनेवाजपुर में किसानों से जो जमीन ली गई है उनको चार गुना मुआवजा दिया गया है। कुछ इसी तर्ज पर बरहटा के किसानों को भी मुआवजा देने की तैयारी है।
आवास विकास विभाग व जिला प्रशासन किसानों को उचित मुआवजा मिले इसको लेकर मंथन करने में जुटा हुआ है, शीघ्र ही किसानों से मिलकर उनकी सहमति के आधार पर आगे कार्रवाई बढ़ेगी।
अयोध्या की नई आवासीय योजना में करीब पांच फाइव स्टार होटल भी प्रस्तावित किए गए हैं। 15 बजट होटल का भी प्रस्ताव है। कुछ शॉपिंग माल, मठ मंदिर भी बनेंगे। इनकी जमीनों को नीलामी से बेचा जाएगा।
कई बड़े होटल ग्रुप ने यहां जमीन खरीदने की इच्छा जताई है। इस संबंध में आवास विकास परिषद से पत्राचार भी किया है। आवास विकास परिषद के एक अधिकारी के मुताबिक इन सभी को नीलामी में भाग लेना होगा।
नव्य अयोध्या के लिए दूसरे चरण में तिहुरा मांझा की 611 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जानी है। शीघ्र ही किसानों की सहमति से यह काम शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन के साथ इस पर मंथन किया जा रहा है कि शाहनेवाजपुर की तर्ज पर ही किसानों को मुआवजा दिया जाए। हालांकि इसमें कुछ दिक्कते हैं लेकिन किसानों को संतुष्ट करके ही जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। अगले छह माह में नव्य अयोध्या आकार लेने लगेगी।-ओपी पांडेय, अधिशासी अभियंता, आवास विकास विभाग अयोध्या
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