अयोध्या। शृंगारहाट से रामजन्म भूमि मार्ग को भक्तिमार्ग के रूप में विकसित किया जाना है। इसको लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सबसे पहले इस मार्ग का चौड़ीकरण होना है।
चौड़ीकरण के लिए चिह्नित स्थानों, दुकानों को खाली करने की मुनादी जिला प्रशासन ने सोमवार देर रात करा दी है। प्रशासन ने व्यापारियों को 13 जुलाई तक का समय दिया है। खाली न करने पर बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी है।
सावन मेला शुरू होने के ठीक पहले प्रशासन द्वारा दुकान खाली कराने की मुनादी से व्यापारियों में हड़कंप व आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन मनमाने तरीके से दुकानें खाली करवा रहा है।
एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह ने बताया कि भक्ति पथ मार्ग को विकसित करने के लिए अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। मुआवजा भी दिया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए चिह्नित स्थानों को खाली करने के लिए व्यापारियों को पहले ही नोटिस दी जा चुकी है। यह मुनादी उन 12 दुकानदारों के लिए है जिन्होंने नोटिस का अनुपालन नहीं किया।
व्यापारियों को 13 जुलाई तक का समय दिया गया है। इस दौरान दुकानदारों को अपनी दुकानें खाली करनी होंगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर 11 जुलाई की रात हुई मुनादी के खिलाफ मंगलवार को व्यापारियों ने बैठक की। बैठक में नंद कुमार गुप्ता ने बताया कि व्यापारी सावन मेले की तैयारी में लगे थे कि अचानक एक दिन में 13 जुलाई तक दुकान खाली करने की मुनादी कराये जाने से दुकानदार आक्रोशित हैं।
जिला प्रशासन ने समन्वय बैठक में यह स्पष्ट आश्वासन दिया था कि दुकान के पीछे जमीन एवं विस्थापित होने वाले दुकानदारों को उसी क्षेत्र में दुकान देने के बाद ही चौड़ीकरण कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रशासन अब अपने वादे से मुकर रहा है। श्रृंगारहाट बैरियर से जन्मभूमि तक चौड़ीकरण में करीब 500 व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं। 200 व्यापारियों की पूरी दुकान विस्थापित हो रही है।
कहा कि व्यापारी समाज एक बार फिर से आंदोलन की रणनीति बना रहा है। बैठक में आनंद रावत, सुनील गुप्ता, राकेश कुमार, रमेश गुप्ता, बब्लू गुप्ता सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।