अयोध्या। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए अयोध्या आने वाले सभी छह प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। जो भक्तों को वैदिक सिटी का भी अहसास कराएंगे। इनके पास ही पांच एकड़ में श्रद्धालुओं के लिए सभी नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि यह स्वागत द्वार अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से प्रत्येक मार्ग पर 10 से 15 किमी की दूरी पर बनाए जाएंगे।
ग्लोबल कंप्टीशन के जरिए शहर के स्वागत द्वार की डिजाइन तय की जा चुकी है। इन द्वार के पास ही श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। यहां से छोटे वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। जो अयोध्या दर्शन कराएंगे।
कहा कि स्वागत द्वार के पास ही स्नान, विश्राम के अलावा नाश्ता और खानपान की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक अस्पताल भी विकसित किया जाएगा।
इन द्वार से आगे बढ़ने के साथ पौराणिक अयोध्या के दर्शन होने शुरू हो जाएंगे। तरह-तरह के जंगल और कुंड व जलाशय यहां की शोभा बढ़ाएंगे। सभी मार्गों के शहर के स्वागत द्वार की डिजाइन अलग-अलग होगी।
अयोध्या शहर का अहसास कराने वाले स्वागत द्वार बस्ती से अयोध्या, गोंडा से अयोध्या, अकबरपुर से अयोध्या, प्रयागराज से अयोध्या, रायबरेली से अयोध्या और लखनऊ से अयोध्या आने वाले सभी हाईवे पर बनाए जाएंगे।
वैदिक सिटी अयोध्या के स्वागत द्वार की डिजाइन ग्लोबल कंप्टीशन के जरिए तय कर ली गई है। सबसे उम्दा डिजाइन का पुरस्कार प्रवीन कुमार गुप्ता ने जीता है। उन्हें दो लाख रुपये और प्रमाण पत्र मिलेगा।
दूसरा पुरस्कार ब्यूटी सिंह ने जीता है। उन्हें पौने दो लाख रुपये और प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके साथ ही चार अन्य ने पुरस्कार जीता है। अब इसी डिजाइन पर सभी छह स्वागत द्वार बनाए जाएंगे।