अयोध्या। मां अन्नपूर्णा की पुर्नस्थापना यात्रा शनिवार देर रात अयोध्या पहुंची। रविवार सुबह चार बजे श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के दरबार में मां अन्नपूर्णा को विराजित कर पूजा-अर्चना की गई तो भक्त निहाल हो उठे। देर रात पहुंची रथयात्रा की अगवानी प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने और रविवार को रथयात्रा की अगवानी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने की।
जिले में जगह-जगह भाजपाइयों व भक्तों में पूजन-अर्चन का उत्साह दिखा। संस्कृति विभाग द्वारा दो रथों पर सांस्कृतिक आयोजन भी होते रहे। दिल्ली से निकली मां अन्नूपर्णा की पुर्नस्थापना यात्रा शनिवार रात्रि करीब 11:30 जनपद की सीमा में पहुंची। रविवार सुबह चार बजे राम जन्मभूमि में रथयात्रा को रोका गया। जहां मूर्ति को रामलला के दरबार में विराजित कर विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की गई।
श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक, मंत्री नीलकंठ तिवारी सहित विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, राममंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र ने मां अन्नपूर्णा की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद अन्नपूर्णा माता की मूर्ति को रथ पर स्थापित किया गया और यात्रा आगे बढ़ी।
श्रीराम जन्मभूमि के गेट नंबर-तीन पर मां अन्नपूर्णा के स्वागत के लिए संस्कृति विभाग द्वारा दो रथों पर सांस्कृतिक आयोजन भी होते रहे। एक साथ भी महिला लोक कलाकारों द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति होती रही तो दूसरे रथ पर भजनों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा था। मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि यह प्रतिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से कनाडा से भारत पहुंची है।
11 नवंबर को प्रतिमा केंद्र सरकार ने यूपी को सौंपी उसी दिन प्रतिमा पुनर्स्थापना यात्रा शुरू हुई जो प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए अयोध्या पहुंची। इस प्रतिमा को 15 नवंबर को काशी विश्वनाथ धाम परिसर में स्थापित किया जाना है। अन्न के भंडार भरने वाली, सनातन धर्मियों के आस्था का केंद्र, भारत की अमूल्य धरोहर मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा को लेकर आ रही रथ यात्रा को अयोध्या में दर्जनों स्थानों पर भक्तों ने अपनी श्रद्धा निवेदित की।
सांसद लल्लू सिंह के नेतृत्व में अहमदपुर टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में भक्तों ने मां अन्नपूर्णा का दर्शन पूजन व भारत माता का जयघोष भी किया। रथयात्रा का स्वागत रानीमऊ जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, मवई में ब्लॉक प्रमुख राजीव तिवारी, रुदौली में विधायक गोरखनाथ बाबा, ब्लॉक प्रमुख शिल्पी सिंह, अभय सिंह, महोली में डॉ. अमित सिंह चौहान, कृष्ण कुमार पांडेय ने किया। इसी तरह सहादतगंज, डाभासेमर, मसौधा, भरतकुंड, बीकापुर, पूराबाजार सहित अन्य स्थानों पर यात्रा पर पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 नवंबर 2020 को मन की बात कार्यक्रम में देश के लोगों को मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा कनाडा में मिलने की जानकारी दी थी। यह करीब 108 साल पहले वाराणसी के एक मंदिर से चोरी हुई थी। बलुआ पत्थर से बनी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा 18वीं सदी की बताई जाती है। मां एक हाथ में खीर का कटोरा और दूसरे हाथ में चम्मच लिए हुए हैं।
प्राचीन प्रतिमा कनाडा कैसी पहुंची यह राज आज भी बरकरार है। लोगों का कहना है कि दुर्लभ और ऐतिहासिक सामग्रियों की तस्करी करने वालों ने प्रतिमा को कनाडा ले जाकर बेच दिया था। काशी के बुजुर्ग विद्वानों को भी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के गायब होने की जानकारी नहीं है। मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना स्थित मैंकेजी आर्ट गैलरी का हिस्सा था।
2019 में भारतीय मूल की आर्टिस्ट दिव्या मेहरा को मैकेंजी आर्ट गैलरी में प्रदर्शनी लगाने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने वहां रखी प्राचीन मूर्तियों का अध्ययन शुरू किया तो उनकी नजर मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा पर पड़ी। जब उन्होंने रिकॉर्ड खंगाला तो पता लगा कि वर्ष 1913 में वाराणसी के गंगा किनारे स्थित एक मंदिर से ऐसी ही मूर्ति गायब हुई थी। जिसे मैंकेंजी आर्ट गैलरी में सुरक्षित रखा गया था।
अयोध्या-मां अन्नपूर्णा जी की पुर्नस्थापना में भजन का गान करते कलाकार- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-मां अन्नपूर्णा जी की पुर्नस्थापना में भजन पर नृत्य प्रस्तुत करतीं कलाकार- फोटो : FAIZABAD