अयोध्या। दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गईं। ट्राॅमा सेंटर दोपहर में एक बार फिर से फुल हो गया। इस बार मरीजों को गैलरी में स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज किया गया। कुर्सी पर बैठाकर मरीजों को ऑक्सीजन लगाया गया। एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया। कई मरीज तो एंबुलेंस में ही अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। इधर, ओपीडी में पर्चा बनवाने पहुंचे लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 11 बजे के करीब सर्वर ठप हो जाने से लंबी-लंबी लाइनों में लगे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और स्टाफ से झड़प तक होती रही।
मेडिकल कॉलेज में सोमवार दोपहर अचानक मरीज बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाएं धड़ाम हो गईं। 30 बेड वाला ट्राॅमा सेंटर एक बार फिर से फुल दिखा। दोपहर 12 बजे के करीब बीकापुर के काजासराय से पहुंची 80 वर्षीय कलावती पेट में तकलीफ को लेकर यहां पहुंची थीं। उन्हें वीगो तो लगा दिया गया, लेकिन बेड न मिलने से जमीन पर ही डेढ़ घंटे तक छटपटाती रहीं। इसके बाद उन्हें एक अन्य मरीज के साथ बेड पर शिफ्ट कर दिया गया।
मिल्कीपुर के इछौरा निवासी कालूराम को जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया था। उन्हें सांस लेने में समस्या थी। वह एक घंटे तक ट्राॅमा सेंटर के बाहर एंबुलेंस में पड़े रहे। स्टाफ की ओर से बताया गया कि बेड फुल हो चुका है। इस दौरान जब उनके परिवारीजनों ने स्ट्रेचर मांगा तो बताया गया कि स्ट्रेचर भी उपलब्ध नहीं है। तकरीबन एक घंटे तक मरीज एंबुलेंस में ही लेटा रहा। इसके बाद जैसे-तैसे एक स्ट्रेचर की व्यवस्था कराई गई, लेकिन स्टाफ की ओर से बार-बार यही कहा जा रहा था कि ऑक्सीजन वाले मरीजों के लिए बेड बिल्कुल भी नहीं हैं।
पर्चा बनवाते समय हुई खूब झड़प
मेडिकल कॉलेज में सोमवार को पर्चा काउंटर पर खूब बवाल हुआ। सर्वर ठप हो जाने के कारण उमस भरी गर्मी में लोगों का पारा हाई हो गया। सप्ताह का पहला दिन होने के नाते भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इस दौरान पौने 11 बजे सर्वर ठप होने से रजिस्ट्रेशन बंद हो गया। रजिस्ट्रेशन बंद होते ही लाइनों में लगे लोग गुस्से में आ गए। इस दौरान आगे निकलने की होड़ में कई बार लोगों की आपस में झड़पें भी हुईं। मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी गार्डों को भीड़ कंट्रोल करने में पसीना छूट गया। तकरीबन साढ़े 11 बजे सर्वर शुरू होने के बाद रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ। बता दें कि रजिस्ट्रेशन के लिए पांच काउंटर बनाए गए हैं। डेढ़ बजे तक पर्चे बनते रहे। तकरीबन दो हजार मरीजों के रजिस्ट्रेशन हुए।
मेडिकल कॉलेज का एक गेट कराया बंद
दर्शननगर की तरफ से आने पर पड़ने वाला मेडिकल कॉलेज का पहला गेट बंद करा दिया गया है। दरअसल कई दिनों से बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने सिक्योरिटी गार्डों को दोनों गेट के पास मौजूद रहने और संदिग्धों पर नजर रखने को कहा है। हालांकि पैदल आने-जाने वालों के लिए छोटा गेट खुला रखा जाएगा।
सुबह दस बजे तक ठीक थी स्थिति
मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि मैं सुबह दस बजे के करीब ट्राॅमा सेंटर के राउंड पर गया था, तब स्थिति ठीक थी। उसके बाद अचानक से मरीज बढ़े हैं। हालांकि हमारी चिकित्सकीय टीम जुटी हुई है। आज-कल लोग बुखार आ जाने पर भी पैनिक हो जा रहे हैं और सीधा भर्ती करने की मांग कर रहे हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी से भी रेफर मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मैं लखनऊ आया हूं
शासन से निर्देश आने के बाद मैं लखनऊ पहुंचा हूं। मेडिकल कॉलेज में जितनी भी परेशानियां आ रही हैं, उन्हें बहुत जल्द दूर कर दूंगा।
डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज