अयोध्या। राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने की कवायद भी जोरों पर चल रही है। हजारों करोड़ की योजनाओं को मूर्तरूप देने की कोशिश में शासन-प्रशासन लगा है।
इसी क्रम में नए साल में अयोध्या आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को क्रूज की भी सुविधा मिलेगी। क्रूज संचालन को लकर हाइड्रो ग्राफिक सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।
माना जा रहा है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त क्रूज 2022 में सरयू की लहरों पर तैरता दिखेगा। वाराणसी की तर्ज पर ही अयोध्या में भी क्रूज संचालन की तैयारी है।
रामायण क्रूज का निर्माण कोलकाता की ही बीएन बोस एंड कंपनी (मरीन) प्राइवेट लिमिटेड को करना है। जिसकी डिजाइन पर इंजीनियरिंग का काम पूरा हो चुका है।
रामायण क्रूज अयोध्या के गुप्तारघाट से नयाघाट तक चलाया जाना प्रस्तावित है। क्रूज का संचालन वाराणसी की अलकनंदा क्रूज लाइन को करना है। क्रूज संचालन को लेकर हाइड्रो ग्राफिक सर्वेक्षण भी हो चुका है।
पहले दीपोत्सव में ही क्रूज का संचालन शुरू किए जाने की योजना थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर और बरसात ने रामायण क्रूज के निर्माण पर ब्रेक लगा दिया। कोलकाता में शिप निर्माण का काम बंद हो गया था।
नवंबर माह से शिप निर्माण का काम फिर से शुरू हो गया है। सरयू की लहरों पर तैरने वाले लग्जरी रामायण क्रूज में दो फ्लोर होंगे। प्रथम तल पर 80 और लगभग इतने ही पर्यटक दूसरे तल बैठ सकेंगे।
यह सरयू नदी में चलने वाला पहला लग्जरी क्रूज होगा, जो पानी की सतह से एक मीटर नीचे और साढ़े छह मीटर ऊंचा होने के साथ ही 30 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा होगा।
क्रूज के दूसरे तल का निर्माण शिप बिल्डर्स अयोध्या में ही करेंगे। पहले तल का निर्माण कोलकाता में शुरू हो चुका है। 2022 में क्रूज का संचालन शुरू करने की पूरी तैयारी है।
क्रूज संचालन को लेकर हमारी तैयारी पूरी है। कोलकाता में कोरोना के चलते बंद शिप बिल्डिंग का कार्य भी अब शुरू हो चुका है। वाराणसी की तर्ज पर ही क्रूज संचालन की तैयारी है। उम्मीद है कि अगले छह महीने के भीतर क्रूज का संचालन शुरू हो जाएगा।-विकास मालवीय, अलकनंदा क्रूज लाइन