अयोध्या। पिता की हत्या के मुकदमे की पैरवी कर रहे युवक की हत्या करने के मामले में छह हत्यारों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर 61 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ है। फैसला अपर जिला जज पूजा सिंह की अदालत से बुधवार को हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रोहित पांडेय व रमेश तिवारी ने बताया कि वारदात 13 अप्रैल 2016 की है। कुमारगंज थाना क्षेत्र के रानीपुर के रहने वाला आबिद अपने भाई शाहिद के साथ खेत सींचने के लिए पाइप बिछा रहा था।
उसी समय अलीम निवासी रानीकपूर कुमारगंज, इंतजार निवासी भंवरी थाना जगदीशपुर जिला अमेठी, आमिर, लतीफ, सईद निवासी सहते मऊ थाना कुमारगंज, अमीन ,मुईद, जहूर रानी कपुर थाना कुमारगंज तथा इंतजार निवासी जिला अमेठी ने मौके पर पहुंच कर शाहिद को घेर लिया और कहा कि यह बहुत मुकदमे की पैरवी कर रहा है। आज इसकी कहानी खत्म कर दो।
इसके बाद सभी ने मिलकर बांका तथा लाठी से शाहिद पर हमला बोल मरणासन्न कर दिया। इसी चोट के कारण 16 अप्रैल 2016 को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में शाहिद की मौत हो गई।
वारदात के पीछे रंजिश यह थी कि घटना के कुछ वर्ष पूर्व शाहिद के पिता की भी इन्हीं अभियुक्तों ने हत्या की थी। जिसका मुकदमा अभी भी विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट में विचाराधीन है। इस मुकदमे की पैरवी शाहिद ही करता था। इसकी रिपोर्ट सभी आठ लोगों के खिलाफ लिखाई गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जहूर व सईद अहमद को बरी कर दिया तथा अन्य छह लोगों को दोषी पाते हुए सजा दी।