अयोध्या। रामभक्तों के लिए सोमवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। भव्य राममंदिर निर्माण का एक और चरण रविवार को पूरा हुआ तो सोमवार को अगले चरण का काम भी प्रारंभ हो गया है।
राममंदिर के नींव के तीसरे चरण में प्लिंथ (चबूतरा) निर्माण के लिए सोमवार को ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वैदिक पंडितों के निर्देशन में विधि-विधान पूर्वक पूजन किया।
राम जन्मभूमि परिसर में मंत्रोच्चार के बीच जय श्रीराम गूंजा तो मंदिर निर्माण कार्य में लगे इंजीनियरों व मजदूरों का उत्साह भी देखते बन रहा था। तीसरे चरण में राममंदिर के 20 फीट ऊंची प्लिंथ का निर्माण शुरू हुआ है, इसे पूरा होने में करीब छह माह लगेंगे।
राममंदिर निर्माण के तीसरे चरण में प्लिंथ निर्माण का कार्य सोमवार से प्रारंभ हो गया है। इससे पूर्व माघ कृष्ण सप्तमी रामानंदाचार्य की जयंती पर श्रीराम जन्मभूमि परिसर में गर्भ गृह स्थल पर वैदिक आचार्यों के निर्देशन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों व एलएंडटी के इंजीनियरों द्वारा पूजा-अर्चना की गई।
शुभ मुहूर्त में 2.30 बजे शुरू हुई पूजा-अर्चना करीब आधा घंटे तक चली। रॉफ्ट के ऊपर ग्रेनाइट के पत्थरों की सिला बिछाकर उसकी पूजा की गई। एक तरफ वैदिक मंत्र गूंज रहे थे तो दूसरी तरफ इंजीनियर व मजदूर सहित मौजूद अन्य लोग जय श्रीराम का उद्घोष करते दिखे।
मंदिर निर्माण कार्य में आगे कोई बाधा न आए इसी कामना से ट्रस्ट द्वारा पूजन किया गया है। प्लिंथ करीब 20 फीट ऊंचा होगा। प्लिंथ निर्माण सात लेयर में होना है जिसमें करीब 30 हजार पत्थर लगेंगे।
प्लिंथ निर्माण में बंगलुरू के ग्रेनाइट पत्थरों के साथ मिर्जापुर के पत्थरों के अलग-अलग ब्लॉकों को निर्धारित डिजाइन के अनुसार जोड़कर ऊपर उठाया जाएगा। प्लिंथ में करीब 18 हजार बड़े साइज के व करीब 12 हजार छोटे साइज के पत्थरों का प्रयोग होगा।
पूजन के अवसर पर ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, कोटेश्वर शर्मा, गोपालजी, एलएंडटी के इंजीनियर विनोद मेहता, टाटा के विनोद शुक्ला, ट्रस्ट के इंजीनियर जगदीश आफले, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि प्लिंथ निर्माण का कार्य पूरा होने में करीब पांच से छह महीने लग जाएंगे। ऐसे में जून तक यह कार्य पूरा होने की संभावना है। बताया गया कि राममंदिर के रॉफ्ट के ऊपर बन रहे 20 फीट ऊंचे प्लिंथ पर ही गर्भगृह आकार लेगा।
मकराना के पत्थर गर्भगृह के फर्श की भव्यता बढ़ाएंगे। राममंदिर की चौखट भी गर्भगृह की भव्यता में चार चांद लगाएगी। गर्भगृह 10.5 गुणे 10.5 मीटर में आकार लेगा।
गर्भगृह के पहले तल पर रामदरबार स्थापित किया जाएगा। दूसरे तल पर क्या होगा इसको लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारी इंजीनियरों के साथ मंथन करने में जुटे हैं।
सोमवार को शुभ मुहूर्त में 2.30 बजे श्रीराम जन्मभूमि पर रॉफ्ट के ऊपर पूजन विधि द्वारा ग्रेनाइट पत्थर के ब्लॉक रखकर मंदिर के प्लिंथ को ऊंचा करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस कार्य को पूरा होने में पांच से छह महीने लगने की संभावना है। प्लिंथ के ऊपर ही राममंदिर का गर्भगृह आकार लेगा। चरणबद्ध ढंग से राममंदिर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। दिसंबर 2023 तक गर्भगृह में भक्तों को रामलला का दर्शन हो सके ऐसा लक्ष्य है। - चंपत राय, महासचिव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट