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अयोध्या में रेल पुल पर ट्रैक से बोल्ट व हुक निकालने का मामला : पेट्रोलिंग के बाद भी खुल गया बोल्ट, कही कोई बड़ी साजिश तो नहीं, आरपीएफ कर रही जांच

Mon, 24 Jan 2022 08:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या

सार

अयोध्या-अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन के मध्य जालपा नाला के पुलिए पर रेल ट्रैक पर असामाजिक तत्वों द्वारा रेल ट्रैक पर लगे बोल्ट व हुक खोले जाने के मामले में आरपीएफ ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर की तहरीर पर केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
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रेल ट्रैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अयोध्या-अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन के मध्य जालपा नाला के पुलिए पर रेल ट्रैक पर असामाजिक तत्वों द्वारा रेल ट्रैक पर लगे बोल्ट व हुक खोले जाने के मामले में आरपीएफ ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर की तहरीर पर केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। चौबीस घंटे रेल ट्रैक पर पेट्रोलिंग के बावजूद इस तरह की घटना ने रेल सुरक्षा पर सवाल लगा दिया है। रेलवे ने इसको गंभीरता से लिया है, और इसकी रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल आरपीएफ यह जांच कर रही है कि इसमें असामाजिकतत्वों का हाथ तो नहीं है।

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ध्यान रहे कि रविवार की सुबह रेल ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रही इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने अयोध्या के जालपा नाला के रेल पुल संख्या-297 से कुछ ही दूरी पर ट्रैक में लगे तीन बोल्ट व तीन हुक गायब पाया। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई, सूचना पर पहुंची टीम ने इसे तत्काल ठीक कराया। इसे ठीक कराए जाने से पहले रात से भोर तक तीन ट्रेनें इसी ट्रैक से होकर गुजर चुकी थी लेकिन पर्याप्त बोल्ट न खुलने व यहां गाड़ी की गति धीमी होने के कारण कोई अप्रिय हादसा नहीं हुआ। इस घटना को देर रात अंजाम दिए जाने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि शनिवार शाम पेट्रोलिंग कर रही टीम ने इस तरह की गड़बड़ी नहीं पाई थी। वहीं, इस घटना को लेकर किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई गई लेकिन रेल विभाग के सूत्रों के अनुसार इतनी संख्या में बोल्ट या हुक नहीं खुले थे, साथ यहां आसपास तीन रेलवे क्रॉसिंग व नजदीक ही अयोध्या रेलवे स्टेशन होने के कारण यहां ट्रेन की गति काफी धीमी होती है, इसके चलते कोई हादसा नहीं हुआ। 

सूत्रों का कहना है कि यदि ट्रेन सौ की स्पीड में होती तो कंपन होने के कारण हादसा हो सकता था।  वहीं, जहां पर ट्रैक से बोल्ट आदि निकाला गया वह जगह काफी सुनसान स्थल पर है, स्थानीय लोगों के अनुसार इस पुलिया पर असामाजिकतत्वों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि कही इस घटना के पीछे इनका हाथ न हो। वहीं दूसरी ओर रेल विभाग से जुड़े कुछ लोग इसे अधिकारी व कर्मचारियों के बीच आपसी खींचतान का भी परिणाम बता रहे हैं। फिलहाल कुछ भी अगर जांच ठंडे बक्शे में नहीं गई तो इसके पीछे किसका हाथ यह सामने आ सकता है।
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वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि इसकी एक रिपोर्ट लखनऊ डीआरएम कार्यालय को सौंपी गई है, इसमें रेल ट्रैक पर सतर्क निगाह रखने की सलाह दी गई है। इस संदर्भ में रेलवे के इंजीनियरिंग व आरपीएफ के अधिकारी कुछ कहने से इनकार कर रहे हैं। कई बार पूछे जाने पर सहायक मंडल अभियंता वनवारी लाल ने मीटिंग में व्यस्त रहने की बात कही। सीनियर सेक्शन अधिकारी एल बराइक व आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष राय ने सिर्फ इतना बताया कि अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है, मामले की जांच की जा रही है।

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