अयोध्या। विधान परिषद चुनाव में निरक्षर मतदाताओं को सहयोगी के लिए 04 अप्रैल तक आवेदन करना होगा। मतदान में केवल बैगनी रंग की स्याही वाली कलम का ही प्रयोग किया जाएगा। निर्वाचन विभाग मतदान को लेकर तैयारी तेज कर दी है। मतदान नौ अप्रैल को होगा।
विधान परिषद चुनाव में मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है। प्रशासन इसकी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गया है। इसको लेकर आयोग के अफसर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दे रहे हैं।
विधान परिषद के चुनाव में मतपत्र का प्रयोग किया जाएगा। ईवीएम मशीन का प्रयोग नहीं होगा। मतपत्र पर पसंदीदा प्रत्याशी के नाम के आगे चिह्न लगाकर अपना मत देने की व्यवस्था होती है।
ऐसे में दोनों जिलों में ऐसे भी मतदाता हो सकते हैं जो पढ़े लिखे न हो, साथ असक्त मतदाता भी हो सकते हैं लेकिन उनका मत पड़ना है। ऐसे मतदाताओं को आयोग की ओर से सहयोगी प्रदान करने की व्यवस्था है।
मतदान की तारीख करीब आने के साथ ऐसे मतदाताओं को सहयोगी देने की व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया गया है। निरक्षर मतदाताओं को सहयोगी प्राप्त करने के लिए 04 अप्रैल तक रिटर्निंग अफसर को इस आशय का प्रार्थना पत्र देना आवश्यक है।
निरक्षरता के लिए साक्ष्य के रूप में खंड विकास अधिकारी या फिर मुख्य कार्यकारी अधिकारी का प्रमाण पत्र भी लगाना होगा। पांच अप्रैल तक इसका निस्तारण आरओ के स्तर से कर दिया जाएगा।
मतदान में केवल बैगनी रंग की स्याही का प्रयोग ही मतपत्र पर किया जाएगा। ध्यान यह भी रखना होगा कि पोलिंग पार्टी से ही दी गई बैगनी स्याही वाली कलम का प्रयोग ही करना होगा। अन्यथा की स्थिति में मत निरस्त हो जाएगा।
विधान परिषद चुनाव में मतदान केंद्रों पर लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। मतदान सुबह आठ से शाम को चार बजे तक होगा।
एडीएम व उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि निरक्षर मतदाताओं को सहयोगी के लिए 04 अप्रैल तक हर हाल में आवेदन कर देना होगा। मतदान में पोलिंग पार्टी से उपलब्ध कराई गई बैगनी रंग की स्याही वाली कलम का ही प्रयोग किया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में मत निरस्त हो जाएगा।