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कुलपति, कुलसचिव समेत 15 शिक्षकों से छिन जाएगा आवास

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अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण में कुलपति, कुलसचिव समेत 15 शिक्षकों के आवास छिन जाना लगभग तय हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन राजभवन से लेकर अपनी कार्यपरिषद के समस्त पैतरों को अपना चुका है लेकिन कुछ होता नहीं दिख रहा है। अधिग्रहण में जा रहे भवनों का 21 करोड़ मुआवजे पर भी स्पष्ट निर्देश नहीं अंकित हैं।
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यह बजट में व्यवस्था निर्धारित होने के बाद विवि को दिया जाएगा। इसके साथ ही 23.79 एकड़ भूमि के एवज में मांगी गई 11 एकड़ भूमि भी प्रशासन देने को तैयार नहीं दिख रहा है। शिक्षक कहां जाएंगे और कहां रहेंगे, इस पर संशय बरकरार है। अयोध्या में प्रदेश की सरकार की ओर से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट प्रस्तावित है। यह ठीक विवि परिसर से सटा हुआ है।
इसका विस्तारीकरण मौजूदा समय में किया जा रहा है। आसपास के पांच गांवों की भूमि का अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूर्ण होने वाली है। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में अवध विवि की 23.79 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होना है। इसके अतिरिक्त विवि के न्यू कैंपस में बना पृथ्वी एवं पर्यावरण विभाग संस्थान, अंटार्कटिका भवन, इत्र उत्पादन संयंत्र, कुलपति आवास व आवासीय कॉलोनी शामिल है।
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विवि प्रशासन ने अभी हाल ही में अपने कार्यपरिषद की बैठक में इस प्रकरण पर भूमि के बदले भूमि व भवनों के उचित मुआवजे दिए जाने का निर्णय लिया था। इस प्रकरण को विवि ने राजभवन तक पहुंचाने की भी रणनीति तय हुई थी। विवि ने अब तक अपने 23.79 एकड़ भूमि के बदले शिक्षकों व कुलपति आवास समेत शिक्षण संस्थानों के लिए 11 एकड़ भूमि मांगी थी।
इसके साथ ही भवनों के मुआवजे के लिए 35 करोड़ की धनराशि निर्धारित की थी लेकिन प्रशासन इन दोनों मामलों में अपना हाथ खड़ा कर चुका है। प्रशासन ने भवनों के मुआवजे के लिए 21.02 करोड़ रुपये का आंकलन किया है। इसके साथ ही भूमि के बदले 11 एकड़ भूमि की मांग को लगभग खारिज कर दिया है।
विवि प्रशासन ने इसके लिए राजभवन में शासन के आला अफसरों के साथ बैठक की है। बताया जा रहा है कि बैठक में यह तय हो गया है कि विवि प्रशासन निशुल्क अपनी भूमि देगा। इसके लिए विवि के कुलसचिव की ओर से 23.79 एकड़ भूमि को निशुल्क दिए जाने की विज्ञप्ति जारी कर दी गई है।
भवनों के मुआवजे को लेकर शासन की ओर से निर्धारित किए गए 21.02 करोड़ रुपये की धनराशि पर भी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। यह धनराशि विवि प्रशासन को तब मिलेगी जब इसको प्रदेश सरकार के बजट में शामिल किया जाएगा। इन निर्देशों के बाद विवि में उहापोह की स्थिति बनी हुई।
विवि के प्रोफेसर, कर्मचारी, कुलसचिव व कुलपति कहां रहेंगे, इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है। विवि के गेस्ट हाउस में अधिकारियों व कर्मचारियों को शिफ्ट किए जाने पर मंथन चल रहा है। दीपोत्सव के बाद शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है।
अवध विवि के पुरातन छात्र सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने रविवार को शहर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में बताया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवध विवि को डॉ. भीमराम अंबेडकर विद्यालयीय क्रीड़ा संस्थान के बगल एनडी विवि की रिक्त पड़ी भूमि दिए जाने की मांग की है।
उन्होंने शासन को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब तक्षशिला व नालंदा जैसे विवि को खत्म कर दिया गया तो देश को वर्षों की गुलामी व मैकाले शिक्षा नीति का दंश झेलना पड़ा।
ऐसे में विवि को बगल में एनडी विवि की भूमि पर शिफ्ट किया जाए, यह भूमि मौजूदा समय में रिक्त है। उन्होंने मांग की है कि विवि के आवासीय कर्मचारियों के रहने व शैक्षिक कार्यों के लिए उपयुक्त स्थान दिया जाए, जिससे विवि की शैक्षिक कार्यों में कोई रुकावट न आएं। इस दौरान जनार्दन पांडेय मौजूद रहे।
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