अयोध्या। उत्तरप्रदेश की योगी सरकार लोक कल्याण संकल्प का वादा पूरा करने के लिए बुजुर्ग संतों, पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए नए बोर्ड का गठन करेगी।
माना जा रहा है कि कल्याण बोर्ड के जरिए बुजुर्ग संतों को आर्थिक मदद देने के साथ ही आश्रम एवं अन्य मद में मदद की जाएगी। योगी सरकार के इस फैसले से रामनगरी अयोध्या में खुशी छा गई है। संतों ने योगी सरकार के इस निर्णय की प्रशंसा की है।
अयोध्या में करीब आठ हजार मंदिर हैं। इनमें से सैकड़ों की संख्या में मंदिर ऐसे हैं जहां की अर्थव्यवस्था बहुत ही दयनीय है। रखरखाव व आर्थिक विपन्नता के चलते इन मंदिरों की हालत खराब है।
कई मंदिरों में पूजा-पाठ का नियम-संयम भी किसी तरह से चलता है। वहीं कोरोना काल में जब देश लॉकडाउन की स्थिति से गुजर रहा था तो उस समय समस्त गतिविधियां ठप होने के चलते पुजारी, पुरोहितों के समक्ष भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
तमाम समाजसेवी संस्थाओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों ने आगे आकर पुजारी, पुरोहितों की सहायता की। ऐसे में योगी सरकार ने बुजुर्ग संतों के लिए कल्याण बोर्ड बनाने लिए जो निर्णय लिया है उसको लेकर अयोध्या में खुशी का माहौल है।
बुजुर्ग संतों, पुजारियों व पुरोहितों ने कहा इस निर्णय से संत परंपरा को बल मिलेगा साथ ही आर्थिक समस्या से जूझ रहे साधु-संतों, पुजारियों व पुरोहितों को भी राहत मिलेगी।
श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि 70 साल में पहली बार किसी सरकार ने संतों के हित में सोचा है। अयोध्या में ही बहुत से ऐसे संत हैं जो आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं उनके पास सिर्फ रामनाम का सहारा है। ऐसे में सरकार की इस योजना से बुजुर्ग संतों को एक और बड़ा सहारा मिलेगा।
हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा कि योगी सरकार धर्म व संस्कृति के संरक्षण को प्रतिबद्ध है। संत, पुजारी ही धर्म, संस्कृति के प्रचार-प्रसार के वाहक हैं ऐसे में इनके हित का चिंतन करना सराहनीय कदम है। कहा कि योगी सरकार की यह योजना सभी धर्मनगरियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
गुरुधाम के व्यवस्थापक गदाधर दास ने कहा कि बुजुर्ग संतों, पुजारियों व पुरोहितों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन का फैसला अत्यंत हर्ष का विषय है। योगी सरकार धार्मिक व सांस्कृतिक सरोकारों के प्रति सचेत रहती है। इस योजना से बुजुर्ग संतों को लाभ होगा, प्राचीन मठ-मंदिरों की व्यवस्थाएं भी पटरी पर लौटेंगी।
पंडित पवन दास शास्त्री बोले कि पहली बार किसी ने हमारे लिए सोचा है। पूजन, अनुष्ठान के जरिए अपना जीवन यापन करने वाले पुजारियों, पुरोहितों को कोरोना काल में बहुत ही विषम परिस्थिति से गुजरना पड़ा था। उम्मीद है कि सरकार एक निश्चित मासिक राशि पुजारी, पुरोहितों के लिए निश्चित करेगी, जिससे बहुत बल मिलेगा।
पंडा समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि पुजारी, पुरोहित व बुजुर्ग संतों के लिए इस तरह की योजना पहली बार बनी है। हमें उम्मीद है कि पंडा समाज भी इस योजना के दायरे में आएगा। धार्मिक अनुष्ठानों से सांस्कृतिक पुष्पवित-पल्लिवित होती है। सरकार के इस निर्णय पूरे प्रदेश के संत, पुजारी व पुरोहित जरूर प्रसन्न होंगे।
पं.पवन दास।-संवाद- फोटो : FAIZABAD
गदाधर दास।-संवाद- फोटो : FAIZABAD
पुजारी रमेश दास।-संवाद- फोटो : FAIZABAD
आचार्य सतेंद्र दास।-संवाद- फोटो : FAIZABAD