प्रभारी मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बुधवार को तृतीय दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस बार का दीपोत्सव पहले से भी बेहतर और आकर्षक होना चाहिए। इसमें देश के सभी राज्यों के पर्यटन और सांस्कृतिक मंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा।
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि दीपोत्सव के तैयारी की समीक्षा कमिश्नर मनोज मिश्र ने 22 जून को की थी। इसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को इसकी समीक्षा वह कर रहे हैं।
इस बार चार लाख दीप जलाने की तैयारी हम कर रहे हैं। जिसमें से ढाई लाख दीप राम की पैड़ी पर प्रज्जवलित किए जाएंगे जबकि डेढ़ लाख दीप अन्य प्रमुख मंदिरों में जलेंगे।
इसके लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
साथ ही अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। इसमें डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, पर्यटन, संस्कृति, सूचना विभाग, नगर निगम, स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस आयोजन से जुड़े हुए सभी कार्यों को 30 सितंबर तक पूरा कर लें। इसमें किसी प्रकार कोई भी कमी नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित समय सीमा में सभी काम पूरे कर लें।
उन्होंने महापौर ऋषिकेश उपाध्याय से सभी कुंडों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने को कहा। इस अवसर पर सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, इंद्र प्रताप तिवारी, गोरखनाथ, श्रीमती शोभासिंह चैाहान, सीडीओ अभिषेक आनंद, डीडी पर्यटन प्रीति श्रीवास्तव, नगर आयुक्त, डीएफओ, सीएमओ सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
पिछली बार भी बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड
पिछले साल 2018 में अयोध्या ने दीपोत्सव में तीन लाख से ज्यादा दीप जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था। उससे पहले वर्ष 2017 में हुए दीपोत्सव में करीब दो लाख 75 हजार दीप जलाए गए थे, लेकिन तब गिनीज बुक की टीम के न आने के कारण इसे रिकॉर्ड नहीं किया जा सका था। इस बार फिर से नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। सबसे ज्यादा दीप जलाने का रिकॉर्ड हरियाणा के डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम के नाम दर्ज था।