अयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंगले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी।
उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वृंदावन के संत जगद्गुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ज्येष्ठ मास में फूलबंगला झांका का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 17 मई मंगलवार को ज्येष्ठ मास पर कनकभवन व हनुमानगढ़ी में फूलबंगला महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। बलराम देवाचार्य ने बताया कि झांकी कोलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है, जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल वाराणसी, लखनऊ, वृंदावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए गए हैं।