अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर की नींव के दूसरे चरण का काम अभी संचालित है। दूसरे चरण के तहत 50 फीट ऊंची नींव पर डेढ़ मीटर मोटी रॉफ्ट डालने का काम चल रहा है।
17 ब्लॉकों में रॉफ्ट ढाली जाएगी, रॉफ्ट का काम 20 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद 16 फीट ऊंची प्लिंथ का निर्माण शुरू होगा। प्लिंथ निर्माण से पूर्व कार्तिक मास की देवोत्थानी एकादशी 14 नवंबर को पूजन किया जाएगा।
चूंकि कार्तिक मास की यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है, इसलिए प्लिंथ निर्माण के लिए इस तिथि पर पूजन करने का निर्णय ट्रस्ट की ओर से लिया गया है। पूजन के बाद जैसे ही रॉफ्ट का काम पूरा होगा तुरंत प्लिंथ निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक राममंदिर के हर चरण का काम प्रारंभ करने से पहले देव आराधना की जाती है। इसी क्रम में नींव के तीसरे चरण का काम शुरू करने से पहले एकादशी को पूजन किया जाना है।
राममंदिर की रॉफ्ट यानी आधार भूमि की ढलाई 01 अक्तूबर से चल रही है। डेढ़ मीटर ऊंचे रॉफ्ट में 17 ब्लॉक बनने हैं। जिसमें से 10 की ढलाई की जा चुकी है। 20 नवंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंदिर निर्माण के लिए तीसरे चरण का कार्य इसी माह प्रारंभ होगा। जिसमें रॉफ्ट पर 16 फीट ऊंचे प्लिंथ का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके लिए पत्थर आ चुके हैं।
बताया गया कि प्लिंथ के ऊपर लगाने के लिए मिर्जापुर के चार फीट लंबे और दो फीट चौड़े पत्थरों के 30 हजार ब्लॉक बनने हैं। राम चबूतरा के लिए 4500 घन फीट में लगाए जाने के लिए बेंगलुरु से ट्रकों से पत्थर मंगाए जा रहे हैं।
अप्रैल 2022 से पहले राम मंदिर आकार लेने लगेगा। दिसंबर 2023 में भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। राममंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा को लेकर हर माह बैठक होती है।
ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक इस बार 14 नवंबर को दिल्ली के त्रिमूर्ति भवन सभागार में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने जा रही है। इसके लिए सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया है।
एक दिवसीय इस बैठक में राम मंदिर निर्माण के अब तक हो चुके कार्य की समीक्षा और आगे होने वाले कार्यों पर मंथन होगा। जानकारी के अनुुसार मंदिर निर्माण के लिए अब तक चार हजार करोड़ से अधिक का चंदा आ चुका है।