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जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने रक्तदान कर किशोरी की बचाई जान

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अयोध्या जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान करते चिकित्सक - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। जिला चिकित्सालय के दो चिकित्सकों ने शुक्रवार को एक बार फिर धरती के भगवान की संज्ञा को चरितार्थ कर दिया। खून की कमी से परेशान एक किशोरी का पहले इलाज करते हुए अपने धर्म का पालन किया, बाद में रक्त न मिलने की दशा में स्वयं रक्तदान कर मानवता की मिसाल भी पेश की।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के देवकाली निवासी अंशिका यादव (17) शरीर में खून की कमी होने के चलते गंभीरावस्था में गुरुवार शाम जिला अस्पताल पहुंची। इमरजेंसी में तैनात डॉ. अजय तिवारी ने उसको भर्ती कर खून जांच कराई। रिपोर्ट आने पर किशोरी के शरीर में हीमोग्लोबिन 3.5 पाया गया। फिजीशियन डॉ. रामकिशोर ने तीन यूनिट खून की आवश्यकता बताई।
किशोरी के परिवारीजन रक्त का इंतजाम करने में असमर्थता जताने लगे और परिवार की हालत देखकर डॉ. अजय तिवारी ने जिला अस्पताल के ही डॉ. आशीष पाठक से संपर्क किया। आवश्यकता देखकर डॉ. आशीष पाठक और डॉ. अजय तिवारी ने स्वयं रक्त देने का निर्णय लिया और शुक्रवार सुबह दोनों लोगों ने जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में दो यूनिट रक्त देकर किशोरी की जान बचाई।
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डॉ. आशीष पाठक व डॉ. अजय तिवारी ने कहा कि यूं तो इमरजेंसी मेडिकल अफसर के रूप में पीड़ित मरीज को रक्त निशुल्क देने का प्रावधान है, लेकिन इस तरह से ब्लड बैंक लगातार खाली होता जा रहा है। यदि निशुल्क रक्त बांटा जाएगा तो रक्त की कमी को दूर नहीं किया जा सकता है। रक्त किसी मशीन में नहीं बनता है, उसे डोनेट ही किया जा सकता है।
कहा कि, किशोरी की जान बचाने के साथ-साथ रक्त देने का एक उद्देश्य आमजन को इसके प्रति जागरूक करना भी था। वहीं, चिकित्सकों के इस काम से किशोरी के परिजनों सहित, सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, आर्थो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य ने प्रशंसा करके उत्साहवर्धन किया है।
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