अयोध्या। अस्थायी मंदिर में विराजे रामलला के ठाठ-बाट में जहां निरंतर वृद्धि हो रही है तो वहीं राम भक्तों के लिए भी सुविधाएं विकसित करने में ट्रस्ट रुचि दिखा रहा है।
राम जन्मभूमि के दर्शन मार्ग पर लाइन में लगते ही भक्तों को रामलला की दिव्य छवि के दर्शन प्राप्त होने लगते हैं। ट्रस्ट की ओर से राम जन्मभूमि परिसर में बने दर्शन मार्ग पर तीन स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।
स्क्रीन पर अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला सहित चारों भाईयों की दिव्य छवि, उनके पूजन, आरती का प्रसारण होता रहता है। ऐसे में दर्शनमार्ग पर कतारबद्ध होते ही रामलला का दर्शन पाकर भक्त निहाल होने लगते हैं।
टेंट से निकलकर 25 मार्च 2020 को अस्थायी मंदिर में विराजमान होते ही रामलला के लिए सुविधाएं सृजित करने का काम शुरू हुआ तो उनके भक्तों की भी दुश्वारियां कम होने लगीं।
सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के दर्शन की दूरी कम की। टेंट में विराजमान रामलला के दर्शन जहां भक्तों को करीब 50 फीट दूर से मिलते थे, अब अस्थाई मंदिर में विराजमान रामलला का दर्शन अब भक्त सिर्फ 20 फीट की दूरी से ही प्राप्त कर पाते हैं।
इसके बाद रामलला के लिए गर्मी व सर्दी के मौसम के हिसाब से व्यवस्थाएं की गईं। गर्मी से बचाने के लिए गर्भगृह में एसी व कूलर लगाए गए तो ठंड से बचाने के लिए ब्लोअर की व्यवस्था हुई।
भक्तों के लिए भी दर्शनमार्ग पर कारपेट बिछाया गया व छाया के लिए शेड की व्यवस्था की गई। जेलनुमा बने दर्शनमार्ग को नए सिरे से तैयार कर भक्तों के लिए आसान राह निर्मित की गई।
अब प्रतिदिन शाम की आरती में 30 भक्तों को शामिल होने का मौका भी प्राप्त होता है। गर्भगृह में रामलला चारों भाईयों सहित चांदी के सिंहासन पर विराजे हैं, तो विशेष पर्व व त्योहार पर उन्हें सोने का मुकुट पहनाया जाता है।
छप्पन भोग लगता है, नवीन वस्त्र धारण कराए जाते हैं। रामलला का यह ठाठ-बाट देखकर भक्त निहाल होते रहते हैं। इसी क्रम में भक्तों के लिए भी सुविधाएं विकसित करने के लिए ट्रस्ट योजना बनाता रहता है।
अमांवा मंदिर में निशुल्क लॉकर संचालित किया जा रहा है। जहां श्रद्धालु अपना सामान व जूता-चप्पल आदि सुरक्षित जमा कर सकते हैं। अब दर्शनमार्ग पर ट्रस्ट की ओर से तीन एलईडी स्क्रीन भी लगाई जा चुकी है।
रंगमहल बैरियर से अंदर दर्शनमार्ग पर भक्त जैसे ही कतारबद्ध होते हैं एलईडी स्क्रीन पर रामलला की भव्य छवि का उन्हें दर्शन प्राप्त होने लगते हैं। ऐसे में लंबी लाइन में लगे भक्त कब रामलला के गर्भगृह के सम्मुख पहुंच जाते हैं उन्हें पता ही नहीं चलता।
इस बार रामजन्मोत्सव पर्व को भव्यता पूर्वक मनाने की तैयारी है। पूरे गर्भगृह को सजाया जाएगा। फूलबंगला झांकी सजेगी। रामलला को पहली बार छप्पन भोग लगेगा।
इसी के साथ पहली बार रामजन्मोत्सव पर आने वाले भक्तों को निशुल्क भोजन प्रसाद देने की भी व्यवस्था ट्रस्ट तैयार कर रहा है। ऐसे में इस बार भक्त न सिर्फ रामलला का दर्शन कर बल्कि भोजन प्रसाद पाकर भी तृप्त होते दिखेंगे।
इसके लिए सीता रसोई का संचालन तीन अप्रैल से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि यह व्यवस्था सिर्फ रामनवमी तक ही रहेगी। इसके लिए ट्रस्ट जगह की तलाश कर रहा है। परिसर से सटे आनंद भवन स्थित विहिप कार्यालय में सीता रसोई का प्रारंभ किया जा सकता है।
रामलला का ठाठ-बाट कई गुना बढ़ा है तो उनके भक्तों के लिए भी सुविधाएं विकसित करने पर ट्रस्ट का लगातार ध्यान रहता है। इसी के तहत इस रामनवमी भक्तों को निशुल्क भोजन प्रसाद देने की तैयारी है। हालांकि इसकी अभी योजना ही बनी है, जगह देखी जा रही है। अगर योजना फाइनल भी हुई तो यह व्यवस्था सिर्फ रामनवमी तक ही रहेगी, क्योंकि जगह के अभाव में अभी इसे आगे भी संचालित करना संभव नहीं हो सकेगा। - डॉ.अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट