रौनाही थानाक्षेत्र के तहसीनपुर टोल प्लाजा के निकट चरी के खेत मेें मिले मजदूर युवक के सड़े-गले शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने हत्या का खुलासा भी कर दिया है। कानपुर में मजदूरी कर लौट रहे वाराणसी के इस युवक की हत्या आशनाई में हुई थी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बीती 12 जून को टोल प्लाजा के निकट खेत से युवक का सड़ा गला शव बरामद किया गया था।
शव के पास मिली पैंट में मिले पर्स से निकली मोबाइल नंबर लिखी पर्ची के सहारे तफ्तीश में जुटी पुलिस दो दिनों बाद शव की शिनाख्त करवाने में सफल रही। मृत युवक वाराणसी के सिकरौल निवासी संतोष कुमार पटेल था, जो कानपुर में मजदूरी कर रहा था। इसी बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की गला दबा कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश को आगे बढ़ाया और हत्या की वजह तक पहुंच गई। थानाध्यक्ष केके गुप्ता ने बताया कि टोल प्लाजा पर चाय पान की दुकान करने वाली एक लड़की से लखौरी निवासी विजय सिंह उर्फ दीपू पुत्र राम करन का प्रेम संबंध था।
इसी बीच यहां काम करने के दौरान संतोष का भी उस लड़की से संबंध हो गया। यह बात दीपू को नागवार लगी। थानाध्यक्ष ने बताया कि 9 जून को जब संतोष कानपुर से अपनी मजदूरी लेकर टोल प्लाजा पहुंचा तो सीधे उसी लड़की से मिलने गया।
इसी बात से नाराज दीपू ने अपने एक और साथी सिकंदर उर्फ नाटे निवासी धन्नीपुर, बुधौलिया के साथ मिलकर संतोष को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। 9 जून की रात दोनों ने संतोष के साथ खूब नशा किया।
संतोष नशे में धुत हो गया तो दीपू और सिकंदर ने उसकी गला दबा कर हत्या कर दी और पर्स से रुपया और मोबाइल निकालकर शव को चरी के खेत में फेंक दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने जुर्म कबूल लिया है। गुरुवार को दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों के कब्जे से मृतक के दोनो मोबाइल व 1245 रुपये बरामद किए गए हैं।