जिले के 835 गांवों में नई सरकार बनते ही अब जगह-जगह चुनावी रंजिश में खूनी संघर्ष शुरू हो गए हैं। गांवों में हारे-जीते प्रत्याशी व समर्थकों के बीच मारपीट, फायरिंग व पथराव के साथ ही आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं।
सोहावल ब्लॉक के रौनाही थानाक्षेत्र के मजनांवा गांव के कुड़ौली मजरे में सोमवार सुबह चुनाव जीतने के बाद लोगों से मिलने जा रहे अमरेंद्र प्रताप सिंह जैसे ही हारे प्रत्याशी करुणाकर पांडेय उर्फ बबलू के घर के सामने पहुंचे, नारेबाजी के दौरान अचानक तकरार शुरू हो गई।
देखते ही देखते मारपीट व पथराव शुरू हो गया। इसी दौरान फायरिंग में धीरेंद्र प्रताप सिंह के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि पथराव में उसके साथी विपिन का सिर फट गया।
धीरेंद्र चुनाव जीतने वाले अमरेंद्र का भाई है। दोनों जिला अस्पताल में भर्ती हैं। गोली चलाने के आरोपी करुणाकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करुणाकर की ओर से भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीकापुर के धरेठा दशरथपुर गांव में विजयी प्रधान माताप्रसाद पांडेय के समर्थकों और हारे प्रत्याशी राजकुमार मिश्र के समर्थकों में कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई।
दोनों पक्षों में ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे भी चले। जिसमें रिटायर्ड फौजी सहित सात लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों के एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया है।
कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि पवन कुमार, कृष्ण कुमार, आवेश कुमार, राजकुमार, भवानी प्रसाद, माताप्रसाद, अपूर्व पांडेय घायल हुए हैं।
मवई थाना क्षेत्र के हुनहुना गांव में सोमवार दोपहर प्रधानी चुनाव की रंजिश में निर्वाचित प्रधान काशिफ और एजाज समर्थकों के बीच जमकर लाठियां चलीं।
जिसमें एक पक्ष से तुफैल, हफीज, रसीक व काशिफ और दूसरे पक्ष से अय्याज, सऊद, मुन्ना, नसीर, सारिक, जमील को चोट आई है। मवई एसओ राजीव सिंह ने बताया दोनो पक्षों की ओर से एनसीआर दर्ज की गई है।
उधर तारुन थाना क्षेत्र के रामदासपुर गांव में चुनाव हारने वाले एक प्रत्याशी समर्थकों ने जगदीश सिंह, रामसुख और भगवान दास का छप्पर फूंक दिया।
आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाया। गयासपुर चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच की जा रही है।