देवकाली में एक मैरिज लॉन से अगवा कर मासूम बच्ची से दुराचार के मामले में पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे धरना-प्रदर्शन में लोगों के समर्थन देने का सिलसिला जारी है। शनिवार को समाज के विभिन्न वर्गों समेत स्कूल से जुड़े लोगों ने धरनास्थल पहुंच समर्थन जताया है।
इधर, महिला अस्पताल से पीड़ित बच्ची को एहतियातन जांच के लिए लखनऊ मेडिकल कालेज भिजवा दिया गया है। सिविल लाइंस के गांधी पार्क में फैजाबाद की निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बीते मंगलवार से शुरू क्षेत्रवासियों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा।
धरने को संबोधित करते हुए आंदोलन समिति के सदस्य सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि घटना के 11 दिन बाद जिला प्रशासन को पीड़िता की सुध आई। अब उसको जांच के लिए लखनऊ मेडिकल कालेज भिजवाया गया है। सवाल उठाया कि हालत गंभीर होने के बावजूद समय से पीड़िता को अच्छे इलाज की व्यवस्था क्यों नहीं कराई गई?
पुलिस व प्रशासन का कोई अधिकारी पीड़िता तथा उसके परिवार का हालचाल जानने क्यों नहीं पहुंचा? कहीं मामले को नया मोड़ देने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत पीड़िता को लखनऊ नहीं भिजवाया गया?
वहीं सुजीत जायसवाल ने अभी तक पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, वीरता सम्मान व शिक्षा-दीक्षा का जिम्मा लिये जाने की घोषणा न होने पर सरकार व प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाया। कहा कि आखिर देरी क्यों हो रही है और किसके दबाव मे ऐसा हो रहा है।
इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। प्रभात मांटेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या किरण श्रीवास्तव ने कहा कि मासूम के साथ ऐसा घिनौना कृत्य करने वाले के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, जो आने वाले समय के लिए नजीर साबित हो।
उन्होंने समाज को ऐसी घिनौनी हरकतों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आगे आने की अपील की। धरने को जमीर राना, शिवांशु तिवारी, भारती सिंह, बुशरा अंजुम, विशेष गुप्ता, सुमित मौर्या, अतिस श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
खास बात यह रही कि जिला पुलिस अथवा प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर न पहुंचने पर लोगों में रोष रहा। उधर, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. नीरजा माला ने बताया कि बच्ची को पूरी जांच के लिए एहतियातन लखनऊ भेजा गया है।