महराजगंज थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव में हुए विवाद के दौरान बैंक के सुरक्षा गार्ड की फायरिंग में घायल भाजपा कार्यकर्ता की तीसरे दिन लखनऊ में मौत हो गई। सूचना गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। पुलिस की ओर से तीन दिन बाद भी आरोपी को न पकड़े जाने से गांव में तनाव है। शव आने के बाद पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
गोली लगने से घायल महाराजगंज क्षेत्र के देवगढ़ निवासी शिवेंद्र सिंह सीपू पुत्र लाल बहादुर सिंह की बुधवार रात लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। बीते सोमवार की शाम गांव में हुए विवाद के दौरान उसे लाइसेंसी बंदूक से बैंक के सुरक्षा गार्ड रामनयन वर्मा ने गोली मारी थी। किसी बात को लेकर रामनयन से शिवेंद्र की कहासुनी हो गई थी।
गोली शिवेंद्र के पेट में लगी और वह वहीं खून से लथपथ होकर गिर पड़ा था। गांव के लोगाें ने फौरन उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हाल में लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। बुधवार रात घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। यह खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
आक्रोशित गांव के लोगों का शिवेंद्र के घर पर जमावड़ा लग गया। गुरुवार शाम जब युवक का शव गांव पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम थी। पूरा गांव शोक में डूबा रहा। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश छाया हुआ है।
थानाध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि घटना के दिन ही आरोपी रामनयन के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब मामला हत्या में तरमीम होगा। गांव में कोई अनहोनी न हो, इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मृतक के चाचा वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि वह मंगलवार को जब लखनऊ से लौटे तो पुलिस को तहरीर दी।