कन्नौज। फर्जी निवास प्रमाण पत्र से फौज में नौकरी कर रहे दस जवानों में से एक को बुधवार को ब्रिगेडियर ने बर्खास्त कर दिया। पुलिस ने उसे राजपूताना रेजीमेंट ट्रेनिंग सेंटर फतेहगढ़ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य नौ के खिलाफ भी उनके ट्रेनिंग सेंटरों पर जांच के बाद ऐसी ही कार्रवाई की जा सकती है।
सदर कोतवाली के उपनिरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि जांच में दोषी मिले फौजी योगेश पुत्र राम सिंह को ब्रिगेडियर पीसी मल्होत्रा फतेहगढ़ ने बर्खास्त किया है। जांच खुद आरके सिंह ने ही की है। उन्होंने बताया कि जांच में दस फौजी फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के दोषी मिले। आवेदन पर संस्तुति देने वाले लेखपाल इटावा के थाना भरथना नगरिया यादवान निवासी रामनरेश यादव को भी आरोपी बनाया गया है।
विवेचक ने बताया जिन दस फौजियों को दोषी पाया गया है उनमें कुलदीप, सुरेंद्र सिंह, सुखपाल सिंह, अनिल कुमार, भूपेंद्र सिंह, योगेश, भूपेंद्र सिंह ने कोतवाली कन्नौज के गांव सतवारी का निवास आवेदन में लिखा था। इसी तरह राहुल सिंह ने कन्नौज कोतवाली क्षेत्र के गांव जसौरा का निवास लिखा था। चक्रपाल सिंह व सचिन ने कन्नौज कोतवाली क्षेत्र के बरौली गांव का निवास आवेदन में भरा था। लेखपाल ने सभी आवेदकों की रिपोर्ट लगा दी थी।
इन सभी को मूल निवास प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए। सभी फतेहगढ़ में भर्ती में शामिल हुए और पास होने के बाद ट्रेनिंग पर भेज दिए गए। अधिकारियों ने इन सभी के निवास का सत्यापन सदर तहसील से कराया। नायब तहसीलदार जलालाबाद क्षेत्र मोहित लाल वर्मा ने जांच की तो पाया कि ये लोग यहां के हैं ही नहीं। नायब तहसीलदार ने 22 मार्च 2016 को सदर कोतवाली में फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ये यहां के निवासी
कुलदीप पुत्र जगदीश, सुरेंद्र सिंह पुत्र रघुराज सिंह, सुखपाल सिंह पुत्र ब्रजभान सिंह, राहुल सिंह पुत्र परवंत सिंह: जनपद गौतमबुद्ध नगर थाना रबूपुरा,गांव रोनीजा।
अनिल कुमार पुत्र रजनीश सिंह: जिला मथुरा, थाना मोठ, गांव जापरा। यहीं का भूपेंद्र सिंह पुत्र वीरी सिंह: गांव चौकड़ा।
भूपेंद्र सिंह पुत्र सोहनलाल: जनपद बुलंदशहर थाना खुर्जा, गांव बुढ़ैना। इसी जनपद का योगेश पुत्र राम सिंह: थाना कंकौढ़, गांव सुनपेढ़ा और सचिन पुत्र सत्यपाल सिंह: नवीन नगर।
चक्रपाल सिंह पुत्र सिरदार सिंह: जनपद आगरा, थाना ताजगंज, गांव बुढ़ाना।