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49 शराब की दुकानों को सीज करने कार्रवाई से हड़कंप

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अयोध्या। नगर निगम के प्रवर्तन दल की ओर से शनिवार को नगर निगम की सीमा में आने वाली सभी तरह की शराब की दुकानों को सीज करने की कार्रवाई शुरू करने से हड़कंप मच गया। नगर निगम द्वारा यह कार्रवाई शराब की दुकानों की ओर से तय धनराशि नहीं जमा करने पर की गई।
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इसके लिए शहर में शराब की 49 दुकानों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था। दो दुकानदारों ने प्रवर्तन दल के पास 18 हजार रुपये जमा कराए हैं, जबकि अन्य दुकानदारों की ओर से दो दिन के अंदर पैसा जमा करने के अनुरोध के बाद निगम ने सीज करने की कार्रवाई स्थगित कर दी।


नगर निगम की ओर से रिटायर्ड फौजियों के गठित प्रवर्तन दल ने शहर के बस स्टेशन पर स्थित शराब की दुकान को टैक्स नहीं जमा करने पर सीज कर दिया। इसके बाद प्रवर्तन दल की टीम कचहरी के पास स्थित शराब के थोक विक्रेता की दुकान पर कार्रवाई करने गई। इस दौरान मौके पर ही थोक विक्रेता ने बकाया टैक्स जमा कर दिया, वहीं सीज हुई दुकान मालिक द्वारा टैक्स जमा करने के बाद उसे खोल दिया गया।
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प्रवर्तन दल के अधिकारी रिटायर्ड कर्नल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में स्थित अंग्रेजी, देसी व बीयर की 49 दुकानों को नगर निगम का टैक्स जमा करने के लिए 29 मार्च तक समय दिया गया था, लेकिन इस दौरान एक भी दुकानदार ने टैक्स नहीं जमा किया। इस पर शनिवार को कार्रवाई की गई। इस दौरान 18 हजार रुपये मौके पर जमा कराए गए।


शेष दुकानदारों द्वारा दो दिन के भीतर रुपये जमा कराने के अनुरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई। उन्होंने बताया कि नगर निगम परिधि में आने वाली अंग्रेजी व देसी शराब की दुकानों को 10-10 हजार व बीयर की दुकान को छह हजार रुपये सालाना टैक्स नगर निगम को देना है। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी पार्थ रंजन घोष ने बताया कि नगर निगम ने नोटिस भेजने व कार्रवाई करने की सूचना विभाग को दी थी। दुकानदारों को टैक्स जमा कराने के लिए कहा गया था।
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