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मंजीत हत्याकांड के मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार

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अयोध्या। नगर के बहुचर्चित मंजीत हत्याकांड में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल-कारतूस व एक एसयूवी वाहन भी बरामद किया। पुलिस के अनुसार जांच में अब तक 14 आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। एसएसपी शैलेष पांडेय के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी भी शामिल है।
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एसएसपी ने बताया कि 13 अक्तूबर की रात कोतवाली नगर क्षेत्र के नीलगोदाम कोरखाना के पास आधा दर्जन एसयूवी में सवार होकर आए बदमाशों ने स्थानीय निवासी मंजीत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोलीबारी में मंजीत की दो बहनें खुशी व लकी भी घायल हो गईं थीं, जिनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। बताया कि पुलिस ने मौके से पांच एसयूवी वाहन बरामद किए थे। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर आठ नामजद व अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान करीब 14 बदमाशों के शामिल होने की बात सामने आई। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 12 टीमें लगाई गई थी।
रविवार को कोतवाली नगर प्रभारी सुरेश पांडेय व स्वाट टीम प्रभारी रतन कुमार शर्मा की टीम ने घटना में शामिल चार आरोपियों को देवकाली ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल व एक एसयूवी वाहन बरामद किया गया। आरोपियों की पहचान सुधाकर सिंह (26) व उसका भाई दिवाकर सिंह उर्फ सनी (23) निवासी 12/01/27 सी आनन्द बाग कनीगंज थाना कोतवाली अयोध्या, उपेंद्र सिंह (27) निवासी देवगढ़ थाना महराजगंज जनपद अयोध्या व रितेश सिंह उर्फ रितिक सिंह (20) निवासी ब्रम्हरौली थाना दोस्तपुर जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई।
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वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद बना हत्या का कारण
एसएसपी ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों में दिवाकर सिंह उर्फ सनी फैजाबाद-अयोध्या बाईपास पर एक ढाबा चलाता है, उसके ढाबे पर कोरखाना नीलगोदाम निवासी एक लड़की काम करती है। घटना वाले दिन सनी उक्त लड़की को उसके घर छोड़ने गया था। वहां गाड़ी खड़ी करने को लेकर उसका कुछ स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। इसके बाद वह वापस ढाबे पर गया और अपने साथियों को एकत्र कर वापस वहां पहुंचा और मौके पर मौजूद मंजीत यादव को गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना में उसकी दो बहनें खुशी व लकी भी गोली लगने से घायल हो गईं। बताया कि गोली आरोपी सनी ने ही चलाई थी। घटना के बाद लोगों के दौड़ाने पर वह अपने वाहन छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके से पांच वाहन बरामद किए थे।
घटना में मृतक के पिता कमलेश यादव ने 8 नामजद व अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि सभी आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं, निर्मला अस्पताल के पीछे की एक बेशकीमती भूमि की क्रय विक्रय में हुए विवाद के चलते उन्होंने उनके पुत्र की हत्या की। फिलहाल एसएसपी का कहना है कि मामले की अभी जांच की जा रही है, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापा मारा जा रहा है। उन्होंने फरार आरोपियों के ऊपर 25-25 हजार इनाम की घोषणा की।
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