अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में ऑपरेशन के लिए भर्ती हुआ एक मरीज गुरुवार को संक्रमित मिला तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन मरीज को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करवाते हुए ओटी को सील किया गया।
साथ ही ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक और कर्मचारियों को भी आइसोलेट कराया गया है। खास बात ये है कि आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने से पहले ही महज ट्रूनेट रिपोर्ट के आधार पर छात्र का ऑपरेशन कर दिया गया था।
जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या अब दो हो गई है। बीकापुर निवासी पॉलिटेक्निक का छात्र 28 दिसंबर को राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में नाक के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था।
उस समय उसकी ट्रूनेट मशीन से कोरोना जांच कराई गई और रिपोर्ट निगेटिव आने पर आरटीपीसीआर के लिए सैंपल भेजा गया। इस बीच डॉक्टरों ने ट्रूनेट मशीन की रिपोर्ट के आधार पर मरीज को कोरोना का निगेटिव मरीज मानकर ऑपरेशन कर दिया।
उसकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट गुरुवार को पॉजिटिव आई तो मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। मरीज को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करवाते हुए ऑपरेशन थिएटर को सील किया गया।
साथ ही ऑपरेशन करने वाले सर्जन, एनेस्थेसिस्ट व कर्मचारियों को आइसोलेट कराया गया है। दो दिन बाद उनकी भी जांच कराने का निर्देश दिया गया है।
सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बताया कि बीकापुर का एक छात्र संक्रमित मिला है। उसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं मिली है। वह पॉलिटेक्निक का छात्र है। स्वास्थ्य टीम को उसके घर भेजा जा रहा है।