तिरपाल से बाहर निकाला, अब गर्भगृह की पहली शिला भी रखी
सीएम योगी आदित्यनाथ आधुनिक विक्रमादित्य के रूप में अयोध्या के कायाकल्प में जुटे हैं। अयोध्या की पौराणिकता को सहेजते हुए यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को रामलला के घर निर्माण का भी शुभारंभ पहली शिला रखकर किया। सीएम योगी ने ही 24-25 मार्च 2020 की रात को टेंटवास झेल रहे रामलला को अपने तिरपाल से बाहर निकालकर अपने सिर पर रखकर अस्थायी गर्भगृह में लाकर विराजित किया था। अस्थाई गर्भगृह में रामलला का ठाठ-बांट का पूरा इंतजाम है।
भूमिपूजन का साक्षी बनकर निहाल हुए संत-धर्माचार्य
श्रीराम मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया एक महोत्सव है। आज का दिन लाखों रामभक्तों के संकल्प की सिद्धता का भी प्रमाण है। -महंत वैदेही वल्लभ शरण
भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अमिट हस्ताक्षर होने जा रहा है राममंदिर जो सदियों तक खड़ा रहेगा। हम इसके साक्षी बने हैं, यह सौभाग्य का विषय है, अब जल्द ही रामलला का भव्य गर्भगृह में दर्शन होगा। -महंत गिरीशपति त्रिपाठी
रामलला का टेंटवास रामभक्तों को द्रवित करता था। करीब तीन दशक तक तिरपाल के गर्भगृह में रामलला मौसम की मार झेलते रहे। रामनगरी में सौभाग्य का नया सूर्य उदित हुआ है, जल्द ही हम भव्य मंदिर के साक्षी होंगे। -महंत डॉ. भरत दास
श्रीराम अयोध्या को महान एवं सर्वश्रेष्ठ बनाते हैं। सदियों का इंतजार अब खत्म है, भव्य गर्भगृह में रामलला के दर्शन का सपना अब जल्द ही साकार होने जा रहा है। हमारी पीढ़ी इसकी साक्षी बनकर गौरवान्वित होगी। -महंत रामशरण दास
राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र बनने जा रही है। गर्भगृह निर्माण का साक्षी बनकर अभिभूत हूं। अब भव्य गर्भगृह में रामलला का दर्शन करने की बेसब्री से प्रतीक्षा होगी। -महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्टी