अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक बुधवार को समाप्त हुई। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में संचालित बैठक के अंतिम दिन राममंदिर निर्माण के साथ-साथ परिसर में भक्तों के लिए जनसुविधाएं विकसित करने का खाका तैयार किया गया। पूरा रामजन्मभूमि परिसर इको फ्रेंडली बनाने के लिए अध्यक्ष व ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इंजीनियरों के साथ करीब तीन घंटे मंथन किया। निर्णय हुआ है कि राममंदिर के समानांतर ही अन्य प्रकल्पों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
18 अक्तूबर से चल रही राममंदिर निर्माण समिति की बैठक बुधवार को कई अहम निर्णयों के साथ समाप्त हुई। तीसरे दिन की बैठक समाप्त होने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पत्रकारों को बताया कि हमारा जोर रामजन्मभूमि परिसर को इको फ्रेंडली बनाने पर है। परिसर में सीवर ट्रीटमेंट, वाटर ट्रीटमेंट से लेकर हाईटेक प्रकाश व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई है।
कहा कि, यदि एक दिन में राममंदिर परिसर में 10 लाख भक्त आते हैं और प्रतिदिन 10 से 11 लाख लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है तो कहां से इसका इंतजाम किया जाएगा। वर्षाकाल में पानी राममंदिर परिसर का पानी कहां जाएगा। इस पर मंथन किया गया। पूरा मंदिर परिसर प्रदूषण रहित हो इसको लेकर इंजीनियरिंग ग्रुप के साथ गंभीरता से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि राममंदिर निर्माण के अलावा परिसर में बनने वाले अन्य प्रकल्पों के निर्माण को लेकर खाका खींचा गया। तय हुआ कि चरणबद्ध तरीके से भक्तों के लिए जनसुविधाएं विकसित करने का काम किया जाएगा। बैठक में ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित टाटा कंसल्टेंसी, एलएंडटी सहित अन्य संस्थाओं के इंजीनियर मौजूद रहे।
मंदिर निर्माण समिति की बैठक में ट्रस्ट ने लेखा प्रबंधन को हाईटेक बनाने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी टीसीएस कंपनी को सौंपी गई है। इस निर्णय के तहत अब टाटा कंसल्टेंट सर्विसेज ट्रस्ट का लेखा प्रबंधन संचालित करेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इसको लेकर टाटा के साथ दो महीने से काम चल रहा था।
हमने अपना अकाउंटिग सिस्टम टाटा कंसल्टेंट सर्विसेज को सौंपा है। वे अपना डिजिटल सिस्टम तैयार कर रहे हैं। आज उन्होंने प्रजेंटेशन दिया है। क्या-क्या आवश्यकताएं हैं, उसकी पूर्ति कैसे करेंगे, इसकी चर्चा हुई है। दिसंबर के अंत तक वे अपना सब कुछ तैयार कर लेंगे। जिसके बाद समस्त अकाउंटिंग सिस्टम टीसीएस संभालेगी।