अयोध्या। 15 से 18 वर्ष की उम्र के किशोर-किशोरियों के कोविड टीकाकरण में अयोध्या की स्थिति प्रदेश में बेहतर है। प्रदेश में अब तक औसतन 12 फीसदी किशोर-किशोरियों ने टीका लगवाया है जबकि अयोध्या में लक्ष्य की तुलना में 16.29 फीसदी किशोर-किशोरी पांच दिन में ही टीका लगवाकर कोरोना के सुरक्षा कवच में आ गये हैं। स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी भी इसे पूरी तरह सुरक्षित बताकर अन्य किशोरों से टीका लगवाने की अपील कर रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर के दस्तक देने के बाद किशोर-किशोरियों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाया है। इसके तहत जिले में चिह्नित 15 से 18 वर्ष की उम्र के 1,73,305 किशोर-किशोरियों को कोरोनारोधी टीका लगवाया जा रहा है।
तीन जनवरी से जिले में अभियान शुरू किया गया है। पहले दिन जिला स्तरीय पांच अस्पतालों के अलावा, तेरह सीएचसी, दो नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण शुरू हुआ। अगले दिन से ही अभियान को और वृहद किया गया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित करके स्वास्थ्य विभाग ब्लॉकवार दस-दस स्कूलों में प्रतिदिन विशेष सत्र भी आयोजित करा रहा है। डीआईओएस ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश भी दिया है। इन तमाम तैयारियों के बीच हो रहे टीकाकरण की स्थिति जिले में बेहतर है। सिर्फ पांच दिन में ही जिले भर में 28,238 किशोरों ने उत्साहपूर्वक टीका लगवाया है।
इस तरह लक्ष्य के सापेक्ष में शुक्रवार तक 16.29 फीसदी किशोर-किशोरियों का टीकाकरण हो चुका है जबकि प्रदेश का इस आयु वर्ग में औसत टीकाकरण 12 फीसदी है। शुक्रवार को हुई मुख्यमंत्री की समीक्षा में भी इन आंकड़ों को रखा गया तो अधिकारियों ने संतोष जताते हुए टीकाकरण और तेज कराने का निर्देश दिया।
सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बताया कि किशोर-किशोरियों को तेजी से टीका लगवाया जा रहा है। स्कूलों में भी टीकाकरण के लिए डीआईओएस के साथ बैठक की गई है। किशोरों को टीका लगवाने के लिए अभिभावकों को आगे आना चाहिए।